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Rajasthan News: क्या राजस्थान में बनेगा एक और संभाग? बोर्ड और फ्लैक्स ने बढ़ाई चर्चा; सामने आई ये वजह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 09:45 PM IST
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सार
बांसवाड़ा में संभाग दर्जा खत्म होने के बाद भी कई जगहों पर ‘बांसवाड़ा संभाग’ के बोर्ड और सरकारी फ्लैक्स लगे हुए हैं। इससे प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जल्द सुधार और बोर्ड हटाने की मांग की है।
‘बांसवाड़ा संभाग’ के बोर्ड और फ्लैक्स से प्रशासन पर उठे सवाल
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बांसवाड़ा जिले को पहले संभाग मुख्यालय का दर्जा दिया गया था, लेकिन बाद में राज्य सरकार द्वारा इसे समाप्त कर दिया गया। इसके बावजूद जिले के कई स्थानों पर अब भी “बांसवाड़ा संभाग” के नाम वाले बोर्ड और सरकारी फ्लैक्स लगे हुए हैं, जिससे प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, स्वरूपगंज-रतलाम राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले की सीमा पर स्थित माही पुल के पास आज भी एक बोर्ड लगा हुआ है, जिस पर “बांसवाड़ा संभाग में आपका हार्दिक स्वागत है” लिखा हुआ है। यह मार्ग गुजरात को जोड़ता है, जिससे बाहरी यात्रियों को अब भी बांसवाड़ा को संभाग के रूप में दर्शाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संभाग का दर्जा समाप्त हुए लगभग डेढ़ वर्ष बीत चुका है, लेकिन अब तक यह बोर्ड नहीं हटाया गया है। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
इसके अलावा जल संसाधन विभाग के प्रचार फ्लैक्स में भी बांसवाड़ा को संभाग के रूप में दिखाया गया है। इन फ्लैक्स में सिंचाई योजनाओं से जुड़े बजट और सुविधाओं का उल्लेख “बांसवाड़ा संभाग” के नाम से किया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2023 में कांग्रेस सरकार के दौरान बांसवाड़ा को संभाग मुख्यालय का दर्जा दिया गया था, जिसे बाद में 2024 में राज्य सरकार ने समाप्त कर दिया। उस समय बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिलों को मिलाकर नया संभाग बनाया गया था, जिसमें करीब 45 लाख से अधिक की आबादी शामिल थी।
संभाग दर्जा समाप्त होने के बाद भी पुराने बोर्ड और सरकारी प्रचार सामग्री में बदलाव न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
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जानकारी के अनुसार, स्वरूपगंज-रतलाम राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए पर बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले की सीमा पर स्थित माही पुल के पास आज भी एक बोर्ड लगा हुआ है, जिस पर “बांसवाड़ा संभाग में आपका हार्दिक स्वागत है” लिखा हुआ है। यह मार्ग गुजरात को जोड़ता है, जिससे बाहरी यात्रियों को अब भी बांसवाड़ा को संभाग के रूप में दर्शाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संभाग का दर्जा समाप्त हुए लगभग डेढ़ वर्ष बीत चुका है, लेकिन अब तक यह बोर्ड नहीं हटाया गया है। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
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इसके अलावा जल संसाधन विभाग के प्रचार फ्लैक्स में भी बांसवाड़ा को संभाग के रूप में दिखाया गया है। इन फ्लैक्स में सिंचाई योजनाओं से जुड़े बजट और सुविधाओं का उल्लेख “बांसवाड़ा संभाग” के नाम से किया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2023 में कांग्रेस सरकार के दौरान बांसवाड़ा को संभाग मुख्यालय का दर्जा दिया गया था, जिसे बाद में 2024 में राज्य सरकार ने समाप्त कर दिया। उस समय बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिलों को मिलाकर नया संभाग बनाया गया था, जिसमें करीब 45 लाख से अधिक की आबादी शामिल थी।
संभाग दर्जा समाप्त होने के बाद भी पुराने बोर्ड और सरकारी प्रचार सामग्री में बदलाव न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

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