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Banswara News: फांसी से उम्रकैद में बदली दुष्कर्म के आरोपी की सजा, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी को मिली राहत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2026 03:54 PM IST
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सार
दस साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी को विशेष पॉक्सो कोर्ट द्वारा दी गई मृत्युदंड की सजा में बदलाव करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्य पीठ ने इसे उम्रकैद में बदल दिया है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ ने डूंगरपुर में 10 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी की फांसी की सजा उम्रकैद में बदल दी है। कोर्ट ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में नहीं मानते हुए सजा में यह परिवर्तन किया।
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न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने दोषी जितेंद्र उर्फ जीतू को विशेष पॉक्सो कोर्ट द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा को संशोधित करते हुए आजीवन कारावास में बदल दिया।
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मामला डूंगरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां 28-29 जून 2022 की रात 10 वर्षीय बच्ची अपने घर के आंगन में परिजनों के साथ सो रही थी। सुबह करीब 5:30 बजे जब उसकी मां की नींद खुली तो बच्ची गायब थी। काफी तलाश के बाद उसी दिन शाम को एक पुलिया के नीचे बच्ची का लहूलुहान शव मिला।
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जांच के दौरान गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 2 जुलाई 2022 को आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार किया गया। उसके घर से घटना के समय पहने कपड़े बरामद हुए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ यौन हमला और सिर पर पत्थर से वार तथा गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। फॉरेंसिक जांच में भी आरोपी के खिलाफ साक्ष्य मिले।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और घटना पूर्व नियोजित नहीं थी। वहीं अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए मृत्युदंड बरकरार रखने की मांग की।
खंडपीठ ने दोषी को अपराध का दोषी मानते हुए सजा बरकरार रखी लेकिन मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदल दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी पहली बार अपराध करने वाला है, उसका पारिवारिक दायित्व है और उसके सुधार की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अपराध अत्यंत जघन्य है लेकिन इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसी को आधार रखकर कोर्ट ने आरोपी की सजा में बदलाव किया है।
