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राजस्थान: गोदारा गैंग का फाइनेंसर गिरफ्तार, क्रिप्टोकरेंसी के जरिए गैंगस्टर तक पहुंचाते थे पैसे; ऐसे खुली पोल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर Published by: बीकानेर ब्यूरो Updated Tue, 23 Jun 2026 09:54 AM IST
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सार

बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर साइबर ठगी से मिली रकम को हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह तक पहुंचाने का आरोप है। जांच में करीब 50 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है।

Police Bust Gangster Funding Network Two Arrested For Sending Crypto to Rohit Godara
गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े दो युवक दबोचे गए - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

साइबर अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बीकानेर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना पुलिस ने दो ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर साइबर ठगी से हासिल रकम को गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह तक पहुंचाने का आरोप है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगी से प्राप्त धनराशि को हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विभिन्न चैनलों में ट्रांसफर किया जाता था।


पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी देशभर में सक्रिय साइबर ठगों के संपर्क में थे। ठगी से प्राप्त रकम पहले अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवाई जाती थी। इसके बाद तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर उसे क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित किया जाता और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचाया जाता था। जांच में हवाला नेटवर्क के जरिए भी धन के लेन-देन के संकेत मिले हैं।
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रामपुरा बस्ती के दो युवक गिरफ्तार
इस मामले में रामपुरा बस्ती निवासी संदीप स्वामी और मुकेश बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों से कई अहम जानकारियां मिली हैं। इन सूचनाओं के आधार पर जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई हैं।
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50 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के बैंक खातों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इन खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतें दर्ज हैं। शुरुआती जांच में करीब 50 लाख रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता चला है।

आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने का शक
जांच एजेंसियों को आशंका है कि साइबर ठगी से जुटाई गई राशि का उपयोग केवल आर्थिक अपराधों तक सीमित नहीं था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस धन का इस्तेमाल अवैध हथियारों की खरीद, रंगदारी वसूली और अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों में तो नहीं किया गया।

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पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस उनके बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, मोबाइल डेटा और संपर्क सूत्रों की गहन जांच कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध और संगठित अपराध के इस कथित गठजोड़ की हर कड़ी की जांच की जा रही है और मामले में आगे भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

 

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