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Bundi News: मेडिकल कॉलेज में बवाल, जूनियर ने लगाए रैगिंग और मारपीट के गंभीर आरोप, जांच में जुटा कॉलेज प्रशासन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: Priya Verma
Updated Sat, 13 Jun 2026 08:56 PM IST
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सार
बूंदी मेडिकल कॉलेज में कथित रैगिंग और मारपीट के आरोपों को लेकर विवाद गहरा गया है। जूनियर छात्रों ने सीनियर्स पर प्रताड़ना और विरोध करने पर हमला करने के आरोप लगाए हैं, जबकि कॉलेज प्रशासन इसे छात्रों के दो गुटों के बीच हुआ विवाद बता रहा है।
बूंदी मेडिकल कॉलेज में कथित रैगिंग पर बवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बूंदी मेडिकल कॉलेज में कथित रैगिंग और मारपीट का मामला सामने आने के बाद शनिवार को हड़कंप मच गया। जूनियर छात्रों ने सीनियर छात्रों पर रैगिंग करने, सामाजिक बहिष्कार करने और विरोध करने पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना में घायल एक छात्र को उपचार के लिए बूंदी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित छात्र नीरज मीणा ने बताया कि वह सवाई माधोपुर जिले के चाकरी गांव का निवासी है और बूंदी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है। उसके अनुसार प्रथम वर्ष में कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद से ही कुछ सीनियर छात्र उसके साथ रैगिंग करते थे। उसने इसकी जानकारी परिजनों को भी दी थी लेकिन पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए वह चुप रहा।
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नीरज का आरोप है कि रैगिंग का विरोध करने के बाद उसे और उसके कुछ साथियों को कॉलेज गतिविधियों से अलग-थलग कर दिया गया। करीब 8 से 10 छात्रों का सामाजिक बहिष्कार किया गया और उनसे बातचीत तक बंद कर दी गई। छात्रों का आरोप है कि उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। पीड़ित छात्र के अनुसार शनिवार दोपहर विवाद अचानक बढ़ गया और 20 से 25 छात्रों ने उसके साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने आए अन्य छात्रों के साथ भी हाथापाई की गई। कुछ छात्रों के कपड़े तक फाड़ दिए गए। मारपीट में नीरज को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे बूंदी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो अन्य छात्रों के साथ भी मारपीट और अभद्र व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है।
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घटना की सूचना मिलते ही हिंडोली थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल छात्रों के बयान दर्ज किए। सहायक उपनिरीक्षक मणिराज मीणा ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में तीन छात्रों के साथ मारपीट की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है और बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल मच गई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रों से मुलाकात कर जानकारी ली। अस्पताल परिसर में छात्रों और अभिभावकों की भीड़ जुटी रही।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल चंदेल ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला रैगिंग का प्रतीत नहीं होता। उनके अनुसार छात्रों के दो गुटों के बीच आपसी विवाद और कहासुनी हुई थी। उन्होंने कहा कि रैगिंग जैसी किसी भी गतिविधि को संस्थान में बर्दाश्त नहीं किया जाता। शिकायत मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाती है। कॉलेज प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और सभी पक्षों से बातचीत की जा रही है( डॉ. चंदेल ने बताया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही अभिभावकों की एक समिति गठित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में रैगिंग रोकने के लिए एंटी रैगिंग कमेटी गठित है। इसके बावजूद सामने आए इस मामले ने कॉलेज प्रशासन और एंटी रैगिंग व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्रों का कहना है कि यदि पहले की शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती। फिलहाल पुलिस और कॉलेज प्रशासन दोनों स्तर पर जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।