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राजस्थान: आंदोलन की चेतावनी के बाद एक्शन में प्रशासन; प्राचीन चबूतरे की कराई खुदाई, छावनी में बदला पूरा इलाका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: हिमांशु सिंह
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:03 AM IST
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सार
बूंदी के संवेदनशील मीरा गेट क्षेत्र में गंगाजी की पथवारियां होने के दावे को लेकर प्रशासन ने भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच प्राचीन चबूतरे की खुदाई कराई। खुदाई में मंदिर जैसी कोई स्पष्ट संरचना नहीं मिली। मामले पर प्रशासन की निगरानी जारी है।
प्राचीन चबूतरे के नीचे हुई खुदाई
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बूंदी शहर के अति संवेदनशील माने जाने वाले मीरा गेट क्षेत्र में प्राचीन चबूतरे के नीचे गंगाजी की पथवारियां होने के दावे को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया। हिंदू संगठनों द्वारा 24 जून तक खुदाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद जिला प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर खुदाई और साफ-सफाई का कार्य कराया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
जानकारी के अनुसार, मीरा गेट चौराहे के पास स्थित गणेश मंदिर के पीछे एक प्राचीन चबूतरे के नीचे धार्मिक महत्व की संरचनाएं और गंगाजी की पथवारियां होने का दावा किया जा रहा था। इस संबंध में हिंदू संगठनों ने कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्थल की खुदाई कराने की मांग की थी। संगठनों का कहना था कि यदि 24 जून तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जेसीबी मशीन की सहायता से चबूतरे के आसपास खुदाई करवाई
हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और नगर परिषद, राजस्व विभाग तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। उपखंड अधिकारी लक्ष्मीनारायण मीणा, नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राय सहित कई अधिकारी पूरे समय मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद की टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से चबूतरे के आसपास खुदाई करवाई और पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई कराई।
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खुदाई के दौरान मंदिर संरचना या धार्मिक स्थल के स्पष्ट अवशेष नहीं मिले
नगर परिषद के अधिकारी जोधराज मीणा ने बताया कि विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार मांग और आंदोलन की चेतावनी दी जा रही थी। प्रशासन के निर्देश मिलने के बाद स्थल पर खुदाई और सफाई का कार्य कराया गया। उन्होंने कहा कि खुदाई के दौरान मंदिर जैसी कोई संरचना या धार्मिक स्थल के स्पष्ट अवशेष नहीं मिले हैं। फिलहाल स्थान की सफाई कराकर उसे सुरक्षित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई प्रशासन के निर्देशानुसार की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए
कार्रवाई के दौरान मीरा गेट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। दोनों पक्षों के लोग क्षेत्र में मौजूद रहे और समय-समय पर खुदाई स्थल के निकट पहुंचने का प्रयास करते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करते हुए सुरक्षा घेरा बनाए रखा। कई मार्गों पर आवागमन भी सीमित किया गया ताकि भीड़ एकत्र न हो सके।
ये भी पढ़ें- Rajasthan UCC: राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड-2026 लाने की तैयारी; जानिए क्या होंगे बड़े बदलाव
गौरतलब है कि, इससे पहले भी पुजारी पक्ष द्वारा भूमि के भीतर धार्मिक महत्व की संरचनाएं होने का दावा करते हुए खुदाई का प्रयास किया गया था। उस समय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ था। फिलहाल प्रशासन की ओर से कराई गई खुदाई के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। हालांकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस निगरानी जारी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आगे इस स्थल को लेकर प्रशासन क्या निर्णय लेता है।
जानकारी के अनुसार, मीरा गेट चौराहे के पास स्थित गणेश मंदिर के पीछे एक प्राचीन चबूतरे के नीचे धार्मिक महत्व की संरचनाएं और गंगाजी की पथवारियां होने का दावा किया जा रहा था। इस संबंध में हिंदू संगठनों ने कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्थल की खुदाई कराने की मांग की थी। संगठनों का कहना था कि यदि 24 जून तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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जेसीबी मशीन की सहायता से चबूतरे के आसपास खुदाई करवाई
हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और नगर परिषद, राजस्व विभाग तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। उपखंड अधिकारी लक्ष्मीनारायण मीणा, नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राय सहित कई अधिकारी पूरे समय मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद की टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से चबूतरे के आसपास खुदाई करवाई और पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई कराई।
खुदाई के दौरान मंदिर संरचना या धार्मिक स्थल के स्पष्ट अवशेष नहीं मिले
नगर परिषद के अधिकारी जोधराज मीणा ने बताया कि विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार मांग और आंदोलन की चेतावनी दी जा रही थी। प्रशासन के निर्देश मिलने के बाद स्थल पर खुदाई और सफाई का कार्य कराया गया। उन्होंने कहा कि खुदाई के दौरान मंदिर जैसी कोई संरचना या धार्मिक स्थल के स्पष्ट अवशेष नहीं मिले हैं। फिलहाल स्थान की सफाई कराकर उसे सुरक्षित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई प्रशासन के निर्देशानुसार की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए
कार्रवाई के दौरान मीरा गेट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। दोनों पक्षों के लोग क्षेत्र में मौजूद रहे और समय-समय पर खुदाई स्थल के निकट पहुंचने का प्रयास करते रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करते हुए सुरक्षा घेरा बनाए रखा। कई मार्गों पर आवागमन भी सीमित किया गया ताकि भीड़ एकत्र न हो सके।
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गौरतलब है कि, इससे पहले भी पुजारी पक्ष द्वारा भूमि के भीतर धार्मिक महत्व की संरचनाएं होने का दावा करते हुए खुदाई का प्रयास किया गया था। उस समय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्य रुकवा दिया था। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ था। फिलहाल प्रशासन की ओर से कराई गई खुदाई के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। हालांकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस निगरानी जारी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आगे इस स्थल को लेकर प्रशासन क्या निर्णय लेता है।