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Bundi News: बिल पास कराने के बदले मांगी रिश्वत, 50 हजार लेते एसीबी के शिकंजे में पंचायत सचिव, जांच जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: Priya Verma
Updated Mon, 15 Jun 2026 10:46 PM IST
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सार
पनघट निर्माण कार्य के बिल भुगतान के बदले रिश्वत मांगना पंचायत समिति के सचिव को भारी पड़ गया। एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी सचिव को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी के शिकंजे में पंचायत समिति सचिव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए गरड़दा पंचायत समिति के सचिव मुकेश बैरवा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी सचिव पर पनघट निर्माण कार्य के लगभग 15 लाख रुपये के बिल पास कराने के बदले साढ़े चार लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी टीम ने उसे बूंदी-नैनवां रोड स्थित गेट नंबर-2 के पास उसके आवास से ट्रैप किया।
एसीबी के उप अधीक्षक प्रेमचंद ने बताया कि परिवादी ठेकेदार ने पंचायत क्षेत्र में पनघट निर्माण का कार्य पूरा किया था। निर्माण कार्य के करीब 15 लाख रुपये के बिल भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने पर पंचायत सचिव मुकेश बैरवा ने फाइल आगे बढ़ाने और भुगतान स्वीकृत कराने के बदले साढ़े चार लाख रुपये रिश्वत की मांग की।
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आरोप है कि सचिव पिछले करीब दो माह से ठेकेदार को लगातार चक्कर कटवा रहा था और भुगतान में अनावश्यक देरी कर दबाव बना रहा था। रिश्वत की मांग से परेशान होकर ठेकेदार ने 3 जून को एसीबी बूंदी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन करने पर रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई, जिसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना तैयार की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी सचिव परिवादी से पहले ही एक लाख रुपये रिश्वत के रूप में ले चुका था। शेष राशि की दूसरी किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेने का समय तय किया गया।
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पूर्व निर्धारित योजना के तहत एसीबी अधिकारियों ने परिवादी को आरोपी के पास भेजा। जैसे ही सचिव ने अपने आवास पर 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार की, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोपी को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम आरोपी को बूंदी कोतवाली थाना परिसर लेकर पहुंची, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसके आवास और अन्य संभावित ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया।
एसीबी अधिकारी आरोपी की आय, संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रहे हैं। उप अधीक्षक प्रेमचंद ने बताया कि मामले की जांच जारी है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।