Rajasthan News: 'देश में ऐसी परिस्थितियां बन चुकी हैं कि "हिंदू राष्ट्र" की औपचारिक घोषणा होना ही बाकी'-गहलोत
बीजेपी और आरएसएस को लेकर अशोक गहलोत के बयान से एक बार फिर से सुर्खियां बटोरी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश में हिंदू राष्ट्र जैसी स्थिति बन चुकी है, सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है।
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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश में ऐसी परिस्थितियां बन चुकी हैं कि "हिंदू राष्ट्र" की औपचारिक घोषणा होना ही बाकी रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य धर्मों के लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है और धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति की जा रही है।
मंगलवार को जयपुर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक और उदार रवैया अपनाया, जिसकी वजह से आरएसएस अपने 100 वर्षों का सफर पूरा कर पाया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस भी आज की तरह राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ टारगेटेड कार्रवाई की राजनीति करती, तो आरएसएस और बीजेपी का विस्तार संभव नहीं हो पाता।
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"कांग्रेस ने कभी बदले की भावना से काम नहीं किया"
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस की सरकारें केंद्र और राज्यों में कई बार रहीं, लेकिन कभी भी आरएसएस से जुड़े लोगों या उनके परिवारों को निशाना बनाकर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान दौर में विपक्षी दलों और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एजेंसियों और सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की "सॉफ्ट अप्रोच" के कारण ही आरएसएस आज इस मुकाम तक पहुंचा है। गहलोत के मुताबिक, कांग्रेस की विचारधारा में राजनीतिक विरोधियों के प्रति प्रतिशोध की भावना कभी नहीं रही।
गांधी हत्या के बाद प्रतिबंध का किया जिक्र
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन बाद में परिस्थितियों के अनुसार उसे हटा लिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत काम किया और विरोधियों को समाप्त करने की राजनीति नहीं की।
आरएसएस और बीजेपी की फंडिंग पर उठाए सवाल
गहलोत ने कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे के बयान का समर्थन करते हुए आरएसएस और बीजेपी की आर्थिक संसाधनों को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि संघ और बीजेपी के देशभर में बड़े-बड़े भवन बने हैं और जनता को यह जानने का अधिकार है कि इसके लिए धन कहां से आया।
"धर्मनिरपेक्षता को अपनाना चाहिए"
गहलोत ने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन और पारसी समुदाय के लोग साथ रहते हैं। उन्होंने आरएसएस और बीजेपी से अपनी विचारधारा में बदलाव लाने और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को स्वीकार करने की अपील की।
बीजेपी की 'वॉशिंग मशीन' पर भी साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर भ्रष्टाचार के मामलों में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं पर पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते हैं, वही बाद में बीजेपी के साथ आने पर स्वीकार्य हो जाते हैं। गहलोत ने महाराष्ट्र के नेता अजित पवार का उदाहरण देते हुए कहा कि यह राजनीति में विरोधाभास को दर्शाता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया और मतगणना के दौरान विपक्षी नेताओं के साथ हुए व्यवहार को लेकर देश में चिंता का माहौल है।