फीफा विश्वकप: 40 साल का गोलकीपर, जिसने स्पेन के 'वंडरकिड्स' की बोलती बंद की; रातों-रात 50+ लाख पहुंचे फॉलोअर्स
फीफा विश्व कप 2026 में केप वर्डे के 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा रातों-रात वैश्विक स्टार बन गए। विश्व कप डेब्यू कर रही केप वर्डे ने यूरोपीय चैंपियन स्पेन को 0-0 से रोक दिया, जिसमें वोजिन्हा ने सात शानदार बचाव किए। मैच से पहले इंस्टाग्राम पर उनके करीब 50 हजार फॉलोअर्स थे, लेकिन मुकाबले के बाद यह संख्या 50 लाख के करीब पहुंच गई। उनकी शानदार गोलकीपिंग ने स्पेन के युवा सितारों और स्टार खिलाड़ियों को गोल करने से रोक दिया।
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अटलांटा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने शुरुआत से ही दबदबा बनाया और अपने नैचुरल टिकिटाका गेम को अपनाया। टीम ने बॉल पजेशन बनाए रखा और लगातार गोल करने की कोशिश की। स्पेन ने पूरे मैच में 27 शॉट लगाए, लेकिन कोई भी प्रयास गोल में तब्दील नहीं हो सका। केप वर्डे की रक्षा पंक्ति कई बार दबाव में दिखी, लेकिन हर बार वोजिन्हा दीवार बनकर सामने आए। यहां तक कि दूसरे हाफ में बार्सिलोना के युवा सुपरस्टार लामिन यमाल के आने के बाद भी स्पेन गोल नहीं कर पाया। विश्व कप इतिहास में डेब्यू मैच में क्लीन शीट रखने वाले सबसे उम्रदराज गोलकीपर बनकर वोजिन्हा ने एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
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When Vozinha realised he had gained 1.5 million followers because of the Spain game… 😂 pic.twitter.com/v3v2OAubT9
— Out of Context Football Manager (@nocontextfm1) June 15, 2026
अंतिम सीटी बजते ही वोजिन्हा अपने गोलपोस्ट के पास झुक गए और भावुक होकर रोने लगे। साथी खिलाड़ियों ने उन्हें गले लगाकर बधाई दी। आखिरकार, केप वर्डे ने अपने पहले विश्व कप मैच में खिताब की प्रबल दावेदार स्पेन से अंक छीन लिया था। वोजिन्हा ने बाद में कहा, 'मैंने अपनी पूरी जिंदगी इस पल, इस सपने के लिए मेहनत की है। पिछली कई पीढ़ियां इस दिन का सपना देखती थीं, लेकिन उसे हासिल नहीं कर सकीं। अब यह सपना सच हो गया है।'
मैच शुरू होने से पहले इंस्टाग्राम पर वोजिन्हा के करीब 50 हजार फॉलोअर्स थे। लेकिन स्पेन के खिलाफ उनके शानदार प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर मानो बाढ़ आ गई। मैच के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया कि उनके फॉलोअर्स 15 लाख से अधिक हो चुके हैं। कुछ ही घंटों में यह संख्या बढ़ते-बढ़ते 50+ लाख के करीब पहुंच गई। रातों-रात वह विश्व फुटबॉल के चर्चित चेहरों में शामिल हो गए।
वोजिन्हा का सफर भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उनका जन्म तीन जून 1986 को केप वर्डे के मिंडेलो शहर में हुआ था। वोजिन्हा ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर अपने नाम के नीचे जोसिमार डियास लिख रखा है। यानी उनका असली नाम जोसिमार डियास है, लेकिन वह बचपन से वोजिन्हा नाम से ही चर्चित हुए। बचपन में उनके पिता सेना में थे और मां नौकरी करती थीं, इसलिए उनका पालन-पोषण मुख्य रूप से दादा-दादी ने किया। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने किसी बड़े फुटबॉल अकादमी सिस्टम में ट्रेनिंग नहीं ली। मोहल्ले के लड़कों के साथ खेलते हुए उन्होंने खुद को निखारा। प्रोफेशनल फुटबॉल में उनका डेब्यू 25 साल की उम्र में अंगोला के क्लब प्रोग्रेसो से हुआ। इसके बाद उन्होंने मोल्दोवा, साइप्रस, स्लोवाकिया और पुर्तगाल में क्लब फुटबॉल खेला। फिलहाल वह पुर्तगाल के सेकंट टियर क्लब जीडी चावेस से जुड़े हैं।
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वोजिन्हा की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू उनका नाम है। पुर्तगाली भाषा में 'वोजिन्हा' का अर्थ 'दादी' होता है। बचपन में जब दूसरे बच्चे उन्हें चिढ़ाते थे और वह रोते हुए अपने दादा-दादी के पास चले जाते थे, तब उन्हें यह उपनाम दिया गया था। वर्षों बाद यही नाम उनकी पहचान बन गया। अब वही वोजिन्हा विश्व कप में स्पेन को रोकने वाले नायक के रूप में दुनिया भर में मशहूर हो चुके हैं। केप वर्डे की टीम आगे क्या करती है, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा, लेकिन इतना तय है कि विश्व कप 2026 की शुरुआती सबसे यादगार कहानियों में वोजिन्हा का नाम लंबे समय तक याद रखा जाएगा।