Sumit Nagal: क्यों टूटा हुआ महसूस कर रहे स्टार टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल? तकनीक के इस्तेमाल की उठाई मांग
भारत के शीर्ष टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने पॉज्नान चैलेंजर में विवादित अंपायरिंग कॉल के बाद खुद को टूटा हुआ बताया और टेनिस में तकनीक के अधिक उंपयोग की मांग की।
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भारत के शीर्ष एकल खिलाड़ी सुमित नागल ने पॉज्नान चैलेंजर के शुरुआती राउंड में एक विवादित अंपायरिंग कॉल के बाद टेनिस में रेफरी सिस्टम की आलोचना की है। मंगलवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी और निराशा जाहिर की।
'मैं बहुत निराश और टूटा हुआ महसूस कर रहा था'
नागल ने बताया कि एक पॉइंट के दौरान वह गेंद की ओर दौड़े, जो स्पष्ट रूप से आउट थी। उस समय कोर्ट पर लाइन जज और चेयर अंपायर मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी कॉल नहीं दिया। उन्होंने लिखा "मैंने तुरंत हाथ उठाया, लेकिन अंपायर ने कहा कि उन्होंने नहीं देखा। इसके बाद उन्होंने नीचे जाकर मार्क चेक करने से भी मना कर दिया।"
नियमों के बावजूद नहीं मिली सुनवाई
28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि एटीपी नियमों के तहत खिलाड़ी को गेंद के बाउंस के बाद एक बार स्ट्राइक करने और फिर कॉल को चुनौती देने की अनुमति होती है, बशर्ते खेल पर असर न पड़े। नागल का कहना है कि उनकी अपील भी इन्हीं नियमों के तहत थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सही सुनवाई नहीं मिली।
एक ही पॉइंट में तीन गलत फैसले का आरोप
नागल ने दावा किया कि उन्हें एक ही पॉइंट में तीन गलत फैसलों का सामना करना पड़ा न कॉल दिया गया, न रेफरी नीचे आए और न ही उनकी अपील को सही तरीके से देखा गया। उन्होंने कहा कि उस समय मैं बहुत निराश और टूटा हुआ महसूस कर रहा था, क्योंकि मैं खुद का बचाव भी नहीं कर सका। उस पॉइंट के बाद आगे खेलना मेरे लिए भावनात्मक रूप से मुश्किल हो गया।
अंपायरिंग सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल
भारतीय खिलाड़ी ने टेनिस में अंपायरों की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को गलतियों के लिए आर्थिक दंड मिलता है, लेकिन अंपायरों पर ऐसी कोई जवाबदेही नहीं होती। नागल ने एटीपी और इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (आईटीएफ) से अपील करते हुए कहा कि चैलेंजर स्तर के मैचों में तकनीक का अधिक उपयोग होना चाहिए ताकि गलत फैसलों से बचा जा सके। उन्होंने लिखा "2026 में जब तकनीक उपलब्ध है, तो मैच सिर्फ रेफरी पर निर्भर नहीं होने चाहिए। खिलाड़ियों को भी अपने बचाव का मौका मिलना चाहिए।"