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Chittorgarh News: तारबंदी में तड़प रहा था पैंथर, ग्रामीणों की सूझबूझ और वन विभाग की फुर्ती से बची जान
Sat, 04 Jul 2026 10:52 PM IST
चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 10:52 PM IST
सार
Rajasthan News: चित्तौड़गढ़ के कपासन क्षेत्र में कंटीली तारबंदी में फंसे एक पैंथर का वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद से सफल रेस्क्यू किया। मेडिकल जांच में पैंथर पूरी तरह स्वस्थ मिला, जिसके बाद उसे मेघपुरा बस्सी वन्यजीव अभयारण्य में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
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पेंथर को किया ट्रेंकुलाइज व मौके पर मौजूद वनकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के कपासन रेंज के अंतर्गत आने वाले जासमा की ढाणी क्षेत्र में तारबंदी में फंसे एक पैंथर को वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से बेहद सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से रेस्क्यू कर लिया।
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तारबंदी में फंसा देख मचा हड़कंप
जासमा की ढाणी क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने एक पैंथर को खेतों के किनारे लगी कंटीली तारबंदी में फंसा हुआ देखा। तारबंदी में उलझने के कारण पैंथर लगातार खुद को छुड़ाने का प्रयास कर रहा था और काफी आक्रामक हो गया था। ग्रामीणों ने बिना देरी किए इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी।
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वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची
सूचना मिलते ही कपासन रेंज की वन विभाग की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गई। वन्यजीव के गांव के नजदीक होने के बावजूद ग्रामीणों ने संयम का परिचय दिया।
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ग्रामीणों की सूझबूझ से आसान हुआ रेस्क्यू
ग्रामीणों ने अनावश्यक शोर-शराबा नहीं होने दिया, जिससे पैंथर अधिक तनाव में नहीं आया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ग्रामीणों ने वनकर्मियों को हर संभव सहयोग दिया और सुरक्षा घेरा बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बिना चोट पहुंचाए सुरक्षित निकाला बाहर
वन विभाग की टीम ने पूरी योजना और अत्यधिक सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया। पैंथर को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। टीम की मुस्तैदी के कारण न तो पैंथर को कोई गंभीर चोट आई और न ही किसी ग्रामीण को नुकसान पहुंचा।
मेडिकल जांच के बाद जंगल में छोड़ा गया
रेस्क्यू के तुरंत बाद पैंथर का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। पशु चिकित्सकों की जांच में पैंथर पूरी तरह स्वस्थ, तंदुरुस्त और सक्रिय पाया गया। उसके शरीर पर तारबंदी से कोई गंभीर चोट नहीं मिली।
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रिलोकेशन सेंटर से प्राकृतिक आवास में किया रिलीज
चिकित्सकीय परीक्षण के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार पैंथर को मेघपुरा बस्सी वन्यजीव अभयारण्य स्थित रिलोकेशन सेंटर ले जाया गया, जहां से उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।