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Barmer: चर्चित डॉक्टर ब्लैकमेल केस में बड़ा एक्शन! दो करोड़ मांगने वाली नर्स कोर्ट में हुई पेश; भेजी गई जेल
Fri, 24 Jul 2026 10:01 PM IST
बाड़मेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: बाड़मेर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 10:01 PM IST
सार
Rajasthan News: निजी अस्पताल के डॉक्टर को कथित रूप से ब्लैकमेल कर 2 करोड़ रुपये ऐंठने के मामले में गिरफ्तार नर्स को एक दिन की पुलिस रिमांड के बाद शुक्रवार को बाड़मेर पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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पुलिस की गिरफ्त में नर्स
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बाड़मेर में निजी अस्पताल के डॉक्टर को कथित रूप से ब्लैकमेल कर 2 करोड़ रुपये ऐंठने के मामले में गिरफ्तार नर्स को एक दिन की पुलिस रिमांड के बाद न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। वहीं, नर्स ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
10 साल तक साथ काम, फिर शुरू हुई कथित ब्लैकमेलिंग
नर्स पिछले 10 वर्षों से निजी अस्पताल में कार्यरत थी। आरोप है कि वह नाइट ड्यूटी के दौरान चाय बनाने के बहाने डॉक्टर के कमरे में आती-जाती रहती थी। इसी दौरान उसने डॉक्टर की निजी तस्वीरें अपने मोबाइल में ट्रांसफर कर लीं। इसके बाद वह कथित रूप से उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने लगी।
सीसीटीवी से रखती थी नजर, 24 घंटे फोन ऑन रखने का आरोप
आरोप है कि नर्स अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों के जरिए डॉक्टर की गतिविधियों पर नजर रखती थी। इतना ही नहीं, उसके दबाव के चलते डॉक्टर को एक मोबाइल फोन 24 घंटे चालू रखना पड़ता था। शिकायत के अनुसार, डॉक्टर लगातार मानसिक दबाव में था।
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डॉक्टर ने दर्ज कराई रिपोर्ट, नर्स ने आरोपों को बताया झूठा
कथित ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर डॉक्टर ने 22 जुलाई को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने नर्स को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, नर्स ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
यह भी पढ़ें: तेज बारिश से पानी-पानी हुआ जोधपुर! दरिया बना शहर; ठप हुआ ट्रैफिक, ओवरब्रिज पर लगा लंबा जाम
बैंक रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच में जुटी पुलिस
थानाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर 22 जुलाई को नर्स को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र करने के लिए उसे एक दिन की पुलिस अभिरक्षा में लिया गया था। आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले में बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
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10 साल तक साथ काम, फिर शुरू हुई कथित ब्लैकमेलिंग
नर्स पिछले 10 वर्षों से निजी अस्पताल में कार्यरत थी। आरोप है कि वह नाइट ड्यूटी के दौरान चाय बनाने के बहाने डॉक्टर के कमरे में आती-जाती रहती थी। इसी दौरान उसने डॉक्टर की निजी तस्वीरें अपने मोबाइल में ट्रांसफर कर लीं। इसके बाद वह कथित रूप से उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने लगी।
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सीसीटीवी से रखती थी नजर, 24 घंटे फोन ऑन रखने का आरोप
आरोप है कि नर्स अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों के जरिए डॉक्टर की गतिविधियों पर नजर रखती थी। इतना ही नहीं, उसके दबाव के चलते डॉक्टर को एक मोबाइल फोन 24 घंटे चालू रखना पड़ता था। शिकायत के अनुसार, डॉक्टर लगातार मानसिक दबाव में था।
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डॉक्टर ने दर्ज कराई रिपोर्ट, नर्स ने आरोपों को बताया झूठा
कथित ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर डॉक्टर ने 22 जुलाई को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने नर्स को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, नर्स ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
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बैंक रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच में जुटी पुलिस
थानाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर 22 जुलाई को नर्स को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र करने के लिए उसे एक दिन की पुलिस अभिरक्षा में लिया गया था। आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले में बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।