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Rajasthan: सब कुछ सांवलिया सेठ का! भक्त ने 10 बीघा खेत और चार मंजिला मकान ट्रस्ट के नाम किया; ये है वजह
Sun, 26 Jul 2026 11:55 AM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:55 AM IST
सार
डूंगरपुर जिले के एक श्रद्धालु ने भगवान श्री सांवलिया सेठ के प्रति अपनी अटूट आस्था का परिचय देते हुए 10 बीघा से अधिक खातेदारी भूमि और करीब 1700 वर्ग फीट का चार मंजिला मकान मंदिर को दान कर दिया। इससे पहले भी वह सोने की मूर्कियां भगवान को अर्पित कर चुके हैं। मंदिर प्रशासन ने उनकी श्रद्धा का सम्मान करते हुए सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं।
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डूंगरपुर के श्रद्धालु ने भगवान सांवलिया सेठ को अर्पित की 10 बीघा से अधिक जमीन और चार मंजिला मकान
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
डूंगरपुर जिले की आसपुर तहसील के खेड़ा सामोर गांव निवासी भगवान श्री सांवलिया सेठ के अनन्य श्रद्धालु अमर पुत्र गौतम पटेल ने मंडफिया स्थित भगवान श्री सांवलिया सेठ को अपनी करीब 10 बीघा से अधिक खातेदारी भूमि दान स्वरूप अर्पित कर उसका पंजीयन भी करवा दिया।
जानकारी के अनुसार, श्रद्धालु अमर वर्ष 2013 से नियमित रूप से भगवान सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए आते रहे हैं। वर्ष 2015-16 के दौरान उन्होंने मंदिर कार्यालय पहुंचकर मंदिर प्रशासन के समक्ष अपने गांव स्थित खातेदारी भूमि भगवान को दान करने की इच्छा व्यक्त करते हुए संकल्प लिया था। इसके बाद मंदिर प्रशासन को जानकारी मिली कि श्रद्धालु की भूमि अलग-अलग टुकड़ों में बंटी हुई है। इस कारण मामला कुछ समय तक लंबित रहा और बाद में भूमि के एकीकरण (समेकन) की प्रक्रिया शुरू की गई। यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रही।
प्रशासन ने कार्य को गंभीरता से आगे बढ़ाया
हाल ही में मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव के निर्देश पर मंदिर प्रशासन ने इस कार्य को गंभीरता से आगे बढ़ाया। इसके बाद दो दिन पूर्व सांवलियाजी मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय एवं लेखाकार राजेंद्र सिंह, संपदा प्रभारी भेरू गिरी गोस्वामी तथा पूर्व गिरदावर गोपाल सिंह आसपुर पहुंचे। वहां तहसील कार्यालय में श्रद्धालु द्वारा भूमि भगवान श्री सांवलिया सेठ के नाम दान करने संबंधी डीड तैयार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उक्त भूमि भगवान श्री सांवलियाजी के नाम दर्ज हो गई।
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चार मंजिला मकान को भी भगवान सांवलिया सेठ को समर्पित किया
भूमि दान करने के बाद श्रद्धालु शुक्रवार को कृष्णधाम सांवलियाजी पहुंचे। शनिवार को उन्होंने अपने गांव की मुख्य सड़क पर स्थित पट्टा-सुदा करीब 1700 वर्ग फीट के चार मंजिला मकान को भी भगवान श्री सांवलिया सेठ को समर्पित करने के लिए दान पत्र पर हस्ताक्षर कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। बताया गया कि इससे पहले वर्ष 2013-14 में श्रद्धालु ने अपने पिता के कानों की सोने से निर्मित मूर्कियां भी भगवान को अर्पित कर दी थीं। शनिवार को सांवलियाजी पहुंचे श्रद्धालु का मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, सदस्य पवन तिवारी, किशनलाल अहीर, रामलाल गुर्जर, प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिवशंकर पारीक सहित अन्य पदाधिकारियों ने स्वागत कर उनकी श्रद्धा और आस्था का सम्मान किया।
ये भी पढ़ें- कमजोर पड़ा मानसून! भीषण गर्मी और उमस से लोग बेहाल, जानें 28 जुलाई से कब और कहां होगी झमाझम बारिश
उल्लेखनीय है कि श्रद्धालु की कोई संतान नहीं है और वह परिवार में अकेले हैं। मंदिर प्रशासन ने बताया कि आगामी दिनों में श्रद्धालु का विधिवत सम्मान भी किया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार, श्रद्धालु अमर वर्ष 2013 से नियमित रूप से भगवान सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए आते रहे हैं। वर्ष 2015-16 के दौरान उन्होंने मंदिर कार्यालय पहुंचकर मंदिर प्रशासन के समक्ष अपने गांव स्थित खातेदारी भूमि भगवान को दान करने की इच्छा व्यक्त करते हुए संकल्प लिया था। इसके बाद मंदिर प्रशासन को जानकारी मिली कि श्रद्धालु की भूमि अलग-अलग टुकड़ों में बंटी हुई है। इस कारण मामला कुछ समय तक लंबित रहा और बाद में भूमि के एकीकरण (समेकन) की प्रक्रिया शुरू की गई। यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रही।
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प्रशासन ने कार्य को गंभीरता से आगे बढ़ाया
हाल ही में मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव के निर्देश पर मंदिर प्रशासन ने इस कार्य को गंभीरता से आगे बढ़ाया। इसके बाद दो दिन पूर्व सांवलियाजी मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय एवं लेखाकार राजेंद्र सिंह, संपदा प्रभारी भेरू गिरी गोस्वामी तथा पूर्व गिरदावर गोपाल सिंह आसपुर पहुंचे। वहां तहसील कार्यालय में श्रद्धालु द्वारा भूमि भगवान श्री सांवलिया सेठ के नाम दान करने संबंधी डीड तैयार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उक्त भूमि भगवान श्री सांवलियाजी के नाम दर्ज हो गई।
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चार मंजिला मकान को भी भगवान सांवलिया सेठ को समर्पित किया
भूमि दान करने के बाद श्रद्धालु शुक्रवार को कृष्णधाम सांवलियाजी पहुंचे। शनिवार को उन्होंने अपने गांव की मुख्य सड़क पर स्थित पट्टा-सुदा करीब 1700 वर्ग फीट के चार मंजिला मकान को भी भगवान श्री सांवलिया सेठ को समर्पित करने के लिए दान पत्र पर हस्ताक्षर कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। बताया गया कि इससे पहले वर्ष 2013-14 में श्रद्धालु ने अपने पिता के कानों की सोने से निर्मित मूर्कियां भी भगवान को अर्पित कर दी थीं। शनिवार को सांवलियाजी पहुंचे श्रद्धालु का मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, सदस्य पवन तिवारी, किशनलाल अहीर, रामलाल गुर्जर, प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिवशंकर पारीक सहित अन्य पदाधिकारियों ने स्वागत कर उनकी श्रद्धा और आस्था का सम्मान किया।
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उल्लेखनीय है कि श्रद्धालु की कोई संतान नहीं है और वह परिवार में अकेले हैं। मंदिर प्रशासन ने बताया कि आगामी दिनों में श्रद्धालु का विधिवत सम्मान भी किया जाएगा।