एनडीपीएस मामलों में जमानत देना पड़ा भारी: राजस्थान हाईकोर्ट ने जज नवीन कुमार मीणा को किया निलंबित
राजस्थान हाईकोर्ट ने एनडीपीएस मामलों में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर एडीजे नवीन कुमार मीणा को निलंबित कर दिया। विवादित जमानत आदेशों की विजिलेंस जांच जारी है।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए बाड़मेर के चौहटन में पदस्थापित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) नवीन कुमार मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जयपुर रहेगा। मामले की जांच हाईकोर्ट के विजिलेंस रजिस्ट्रार को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला उस समय का है जब नवीन कुमार मीणा अजमेर के नसीराबाद स्थित एनडीपीएस विशेष न्यायालय में एडीजे के रूप में कार्यरत थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के गंभीर मामलों में ऐसे आरोपियों को जमानत दी, जिनके खिलाफ वाणिज्यिक मात्रा से अधिक मादक पदार्थ बरामद होने के आरोप थे और जो प्रथम दृष्टया जमानत के पात्र नहीं माने जाते थे।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में संबंधित आरोपियों की जमानत याचिकाएं पहले ही राजस्थान हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी थीं। इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट से उन्हें राहत मिलने की शिकायतें हाईकोर्ट तक पहुंचीं। शिकायतों के बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा के निर्देश पर एडीजे नवीन कुमार मीणा के निलंबन के आदेश जारी किए गए। साथ ही जांच पूरी होने तक उनका मुख्यालय जयपुर निर्धारित किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, शिकायतों में एक मामला 6 किलो अफीम की बरामदगी से जुड़ा है, जिसमें आरोपी को जमानत दिए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। बताया गया है कि इस मामले में आरोपी की जमानत याचिका पहले राजस्थान हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी थी। इसी तरह एक अन्य मामले में करीब 200 किलोग्राम डोडा पोस्त की बरामदगी के बावजूद आरोपी को राहत दिए जाने की शिकायत भी जांच के दायरे में है।
इन मामलों में जमानत आदेशों को लेकर राज्य सरकार और अभियोजन विभाग ने भी आपत्ति दर्ज कराई थी। सरकार ने कुछ मामलों में हाईकोर्ट में जमानत निरस्त करने की याचिकाएं दायर कर दी हैं, जबकि अन्य मामलों में भी जमानत रद्द कराने के लिए याचिकाएं दायर करने की तैयारी चल रही है। हाईकोर्ट ने फिलहाल मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।