राजस्थान: पूर्व विधायक की हत्या के बाद भोंडा गांव से पलायन, 10 हिरासत में; एफआईआर में 31 नामजद
भरतपुर के भोंडा गांव में पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के बाद पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है। एफआईआर में 31 लोग नामजद हैं। खनन विवाद के बीच हुई इस घटना के बाद कई ग्रामीण गांव छोड़कर चले गए। कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं।
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राजस्थान के भरतपुर जिले के भोंडा गांव में पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि एफआईआर में 31 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस की दबिश के बीच कई ग्रामीणों के गांव छोड़कर जाने की भी सूचना है।
पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। घटना के बाद गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की रविवार देर रात जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। भोंडा गांव स्थित खनन स्थल पर कथित तौर पर ग्रामीणों ने उन पर हमला कर दिया था। घायल अवस्था में उन्हें पहले वैर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर जयपुर रेफर कर दिया गया।
पत्नी की शिकायत में 31 लोगों के नाम
भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, कुछ लोग कथित तौर पर जबरन खनन स्थल में घुसे और उनके पति पर लाठियों से हमला किया। हमले में वह बेहोश हो गए। शिकायत में 31 लोगों को नामजद करने के साथ 70 से 80 अन्य लोगों के शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है। भड़ाना को बचाने पहुंचे लोगों के साथ भी मारपीट किए जाने की बात शिकायत में कही गई है।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है। घटनाक्रम और हमले में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद भड़ाना का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इस हमले में भड़ाना के सुरक्षाकर्मी गगन शर्मा भी घायल हुए। उन्हें उपचार के लिए भरतपुर के राज बहादुर मेमोरियल अस्पताल रेफर किया गया। वैर थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार, ग्रामीणों और क्रशर प्लांट संचालक के बीच विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी।
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खनन लीज को लेकर दो साल से चल रहा था विवाद
भोंडा गांव की पहाड़ियों के पास खनन लीज और क्रशर प्लांट को लेकर करीब दो साल से विवाद चल रहा था। भोंडा और पड़ोसी रायपुर गांव के लोग खनन गतिविधियों का विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों ने कई बार धरना दिया और खनन स्थल तक जाने वाले रास्ते को भी रोका था।
ग्रामीणों का आरोप था कि खनन से जुड़े वाहनों की आवाजाही के लिए ग्राम पंचायत की चरागाह भूमि का इस्तेमाल किया जा रहा है। विरोध के चलते क्रशर प्लांट बंद पड़ा था। बताया जा रहा है कि भड़ाना प्रशासनिक सहयोग से दोबारा काम शुरू कराने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, अदालत से क्रशर प्लांट चलाने की अनुमति मिलने के बाद भड़ाना ने रविवार को काम दोबारा शुरू किया था। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण खनन स्थल पर जुट गए और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान भड़ाना पर हमला किया गया। खनन लीज उनकी पत्नी कमलेश भड़ाना के नाम पर दर्ज है।
पूर्व विधायक की हत्या पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
अतर सिंह भड़ाना की हत्या के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने कहा कि सत्तारूढ़ दल के पूर्व विधायक की हत्या राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने दावा किया कि भड़ाना ने जान से खतरे की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर घटना को सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी बताते हुए सवाल उठाया कि जब पूर्व विधायक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?
अतर सिंह भड़ाना हरियाणा के रहने वाले थे। वह वर्ष 2003 से 2008 तक राजस्थान की बयाना विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रहे थे।