सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Chaitra Navratri 2026 Crowd At Jobner Mata Mandir in Rajasthan Know History significance in Hindi

चैत्र नवरात्रि: जहां मानी जाती है माता सती के घुटने की पावन भूमि, उस जोबनेर धाम में उमड़ता है आस्था का सैलाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sabahat Husain Updated Fri, 20 Mar 2026 07:00 AM IST
विज्ञापन
सार

चैत्र नवरात्रि पर जोबनेर स्थित ज्वाला माता धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गुफा में प्राकृतिक रूप की पूजा, अखंड ज्योत और 200 साल पुरानी नौबत इसकी खास पहचान हैं, जहां ट्रस्ट ने बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।

Chaitra Navratri 2026 Crowd At Jobner Mata Mandir in Rajasthan Know History significance in Hindi
ज्वाला माता मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ज्वाला माता धाम में आस्था, भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है और पूरा क्षेत्र “जय माता दी” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है।

Trending Videos

यह प्राचीन धाम एक विशिष्ट शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है, जहां माता सती के घुटने की पूजा की जाती है। मान्यता है कि सती के अंग पृथ्वी के विभिन्न स्थानों पर गिरे थे, और जोबनेर वह पावन स्थल है जहां उनका घुटना गिरा था। यहां गुफा में प्राकृतिक रूप से प्रकट आकृति को ही माता का स्वरूप मानकर पूजा-अर्चना की जाती है, विशेष बात यह है कि यहां किसी प्रकार की मूर्ति स्थापित नहीं है।

नवरात्रि के दौरान मंदिर में अखंड ज्योत निरंतर प्रज्वलित रहती है, जो श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक है। माता की आरती चांदी के बर्तनों में की जाती है और लगभग 200 वर्ष पुरानी नौबत (नगाड़ा) आरती के समय बजाई जाती है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।

मंदिर में श्रद्धालु माता को चुनरी, लहंगा और सोलह श्रृंगार अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यहां लक्खी मेले का आयोजन भी प्रारंभ हो गया है, जिसमें राजस्थान सहित अन्य राज्यों से लाखों भक्त पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु सुबह तड़के से ही लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शन कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

मंदिर ट्रस्ट द्वारा नवरात्रि के दौरान व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारियों की देखरेख में दर्शन व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नवरात्रि के साथ सेवाभाव की अनूठी मिसाल भी देखने को मिल रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और ट्रस्ट के सहयोग से यात्रियों के लिए जलपान, नाश्ता और भंडारों की व्यवस्था की जा रही है।

नवविवाहित जोड़े जहां माता का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं, वहीं कई परिवार अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी यहीं संपन्न करवा रहे हैं। दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालु पैदल यात्रा कर जयकारों के साथ मंदिर पहुंचकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है।

जो श्रद्धालु ज्वालामुखी शक्तिपीठ नहीं जा पाते, उनके लिए जोबनेर का यह धाम विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। नवरात्रि के दौरान यहां प्रतिदिन विशेष पूजन, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर है। यह धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सेवाभाव का जीवंत प्रतीक भी है।

पढ़ें:  कछवाहा राजवंश की कुलदेवी आमेर की शिलामाता; यहां चढ़ावे में अर्पित की जाती है शराब- कीजिए दर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed