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Rajasthan: CM गहलोत के OSD बोले- PM मोदी मणिपुर हिंसा मामले पर दें इन सवालों के जवाब, राजस्थान पर बयान निंदनीय

Thu, 20 Jul 2023 09:41 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 20 Jul 2023 09:41 PM IST
सार

सीएम अशोक गहलोत के विशेष अधिकारी (ओएसडी) लोकेश शर्मा ने मणिपुर हिंसा मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए गए बयान पर पलटवार किया है। लोकेश शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस तरह का बयान दिया है, उससे देश के 140 करोड़ लोगों को निराशा हाथ लगी है।

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CM Gehlot OSD Lokesh Sharma says PM Modi should answer the questions on Manipur violence case
सीएम अशोक गहलोत के विशेष अधिकारी (ओएसडी) लोकेश शर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने कहा, केंद्र सरकार अपनी लापरवाही का ठीकरा दूसरों के सिर पर फोड़ना चाहती है। लोकेश शर्मा ने भी प्रधानमंत्री के बयान की ट्वीट कर निंदा की। उन्होंने ट्वीट किया कि नरेंद्र मोदी जी आप शायद भूल रहे हैं कि आप देश के प्रधानमंत्री हैं, मणिपुर में जो हो रहा है उसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी है?

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लोकेश शर्मा ने कहा, इस लच्छेदार भाषण से क्या ये स्थिति सुधर जाएगी? बेहद शर्मनाक है, निंदनीय है कि मणिपुर में जो घट रहा है उसको राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से जोड़कर वहां की इक्का-दुक्का घटना से तुलना की जा रही है, जिन पर कि वहां की सरकारें त्वरित कार्रवाई भी कर रही हैं। मणिपुर के भयावह हालात से पूरा देश चिंतित है, अपना राजधर्म निभाओ और मणिपुर को बचाओ। लोकेश शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ मुद्दों पर मौन क्यों हैं? इस बात की सफाई देनी चाहिए। लोकेश शर्मा ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुछ सवाल भी पूछे, जो इस प्रकार हैं...

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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में घटना की निंदा तो की, लेकिन घटना के वायरल हो रहे वीडियो में साफ नजर आ रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भाजपा शासित मणिपुर सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने क्या कुछ कदम उठाए, इस पर उन्होंने कुछ भी क्यों नहीं कहा?
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  • मणिपुर में हिंसा के चलते मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तकरीबन 50 हजार परिवार यहां से पलायन कर गए। केंद्र सरकार ने उन लोगों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए?
  • आखिर केंद्र और राज्य सरकार इतने लंबे समय में भी हिंसा को खत्म क्यों नहीं कर पाए? प्रदर्शनकारियों पर किस तरह की कार्रवाई की गई, यह भी प्रधानमंत्री ने अपने बयान में नहीं बताया?
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अन्य राज्यों और देशों का दौरा तो कर रहे हैं, लेकिन हिंसाग्रस्त मणिपुर का एक बार भी अब तक दौरा क्यों नहीं किया?
  • मणिपुर जब हिंसा की आग में झुलस रहा था और लोगों की जान पर संकट था, उस समय प्रधानमंत्री कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के प्रचार में क्यों व्यस्त रहे? क्या नॉर्थ-ईस्ट के राज्य मोदी सरकार की प्राथमिकता नहीं है?
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर दौरे पर रहे। यहां के अधिकारियों की मीटिंग भी ली, उसके बाद भी हिंसा नहीं रुकी, क्या गृहमंत्री के रूप में अमित शाह फेल साबित हुए? अगर हां तो क्या अमित शाह इस्तीफा देंगे?
  • राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी से देशहित में राइट-टू-हेल्थ और राइट-टू-सोशल सिक्योरिटी जैसे बिल संसद से पारित करवाने की मांग की थी, क्या मोदी सरकार संसद के मौजूदा सत्र में ऐसा कोई बिल लाएगी?
  • मणिपुर हिंसा को लेकर यूरोपीय संसद में चर्चा करते हुए भारत की कड़ी आलोचना की गई। इस प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि मणिपुर में अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति असहिष्णुता के चलते ताज़ा हिंसा के हालात पैदा हुए हैं। प्रस्ताव में कहा गया है कि अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति असहिष्णुता के चलते मणिपुर में हिंसा के हालात पैदा हुए हैं। प्रधानमंत्री को इस पर भी जवाब देना चाहिए था?
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