Jaipur News: नीरजा मोदी स्कूल मामले में 8 महीने बाद चार्जशीट दाखिल, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में छात्रा अमायरा की मौत के मामले में पुलिस द्वारा न्यायालय में चार्जशीट पेश किए जाने के बाद परिजनों ने न्याय की मांग तेज कर दी है। संयुक्त अभिभावक संघ के साथ आयोजित प्रेस वार्ता में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई।
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जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में 1 नवंबर 2025 को नौ वर्षीय छात्रा अमायरा की स्कूल परिसर में हुई मौत के मामले में पुलिस द्वारा लगभग आठ महीने बाद न्यायालय में चार्जशीट पेश किए जाने के बाद परिजनों और संयुक्त अभिभावक संघ ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। पिंकसिटी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में परिजनों और संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होना न्याय प्रक्रिया की शुरुआत है लेकिन जब तक सभी जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय अधूरा रहेगा।
प्रेस वार्ता में अमायरा के पिता विजय मीणा, माता शिवानी, संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल और प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन 'बिट्टू' मौजूद रहे। उन्होंने मांग की कि मामले में उकसावे (Abetment) से संबंधित धाराएं जोड़ी जाएं तथा स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्ट की धारा 75 सहित सभी लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।
परिजनों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई
अमायरा के पिता विजय मीणा ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होना न्याय की दिशा में पहला कदम है लेकिन दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अभी बाकी है। उन्होंने न्यायालय से निष्पक्ष सुनवाई और मामले में जिम्मेदार सभी व्यक्तियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
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वहीं अमायरा की मां शिवानी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी लगातार मदद के संकेत देती रही लेकिन स्कूल प्रशासन ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, उकसावे से संबंधित धाराएं जोड़ने और सभी स्कूलों में बाल सुरक्षा तथा एंटी-बुलिंग व्यवस्था को अनिवार्य बनाने की मांग की।
पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का मामला
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही से जुड़ा है। उनका कहना था कि यदि संस्थागत लापरवाही पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। उन्होंने निजी विद्यालयों में बाल सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन, साक्ष्यों के संरक्षण और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।
संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन 'बिट्टू' ने कहा कि अमायरा प्रकरण ने निजी विद्यालयों की बाल सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल एक बच्ची को न्याय दिलाने का नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के सभी विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, जवाबदेह और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने का है। संघ ने न्यायपालिका, सरकार, मीडिया और समाज से मामले में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।