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राजस्थान: शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा, खेल कोटे से नौकरी दिलाने के मामले में चार गिरफ्तार
Wed, 28 Oct 2026 08:16 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2026 08:16 PM IST
सार
राजस्थान में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में खेल कोटे के तहत फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र से नौकरी हासिल करने के मामले में एसओजी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) भी शामिल है। जांच में फर्जी खेल प्रमाण पत्र और सत्यापन के लिए फर्जी ईमेल आईडी बनाने का खुलासा हुआ है।
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गिरफ्तार आरोपी
विस्तार
राजस्थान में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 में खेल कोटे के जरिए नौकरी हासिल करने के लिए फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण पत्र तैयार कराने के मामले में एसओजी ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) रामचंद्र बेनीवाल समेत देवी, धोलाराम और विकास कुमार शामिल हैं। चारों ने 26 अक्टूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जयपुर महानगर द्वितीय की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। अदालत ने 28 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड मंजूर किया है।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार, कर्मचारी चयन बोर्ड, दुर्गापुरा की वर्ष 2022 की तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-1 भर्ती में खेल कोटे के लिए दो प्रतिशत पद निर्धारित थे। ताइक्वांडो के प्रमाण पत्र के आधार पर 38 अभ्यर्थी दो गुना चयन सूची में आए थे। चयन के बाद इन अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग की चयन कमेटी के सामने नेशनल स्तर के ताइक्वांडो प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे।
एसओजी की जांच में सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने दलालों के माध्यम से फर्जी खेल प्रमाण पत्र हासिल किए थे। इन प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाई गई। इसी फर्जी आईडी से सत्यापन रिपोर्ट प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर की नियुक्ति शाखा को भेजी गई थी। मामले में 420, 467, 468, 471, 120बी आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
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एसओजी ने पहले फर्जी ईमेल से सत्यापन रिपोर्ट भेजने वाले बिमलेन्दू कुमार झा और उसके साथी कमल सिंह को 7 मई 2025 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मार्च 2026 में स्थानीय पुलिस की मदद से 20 अभ्यर्थियों समेत तीन सहयोगियों और एक दलाल को गिरफ्तार किया गया।
जांच में गिरफ्तार अभ्यर्थियों से पूछताछ में रामचंद्र बेनीवाल का नाम सामने आया। आरोप है कि उसने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में खेल कोटे से नौकरी दिलाने के लिए अभ्यर्थियों से प्रति व्यक्ति 60 हजार रुपये लेकर ताइक्वांडो चैंपियनशिप के प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए।
ये भी पढ़ें- जयपुर: नहरी पानी पर पंजाब-राजस्थान में टकराव, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मांगी 1.44 लाख करोड़ की रॉयल्टी
वर्तमान जांच में सामने आया कि रामचंद्र और पूर्व गिरफ्तार आरोपी जगदीश सारण ने हरियाणा के रोहतक निवासी सतीश डूल से नेशनल सर्टिफिकेट तैयार कराने की बातचीत की थी। सतीश ने विकास कुमार, धोलाराम और देवी से चार-चार लाख रुपये लेकर बैकडेट के प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए। वहीं रामचंद्र ने पूर्व में गिरफ्तार छह अभ्यर्थियों से पांच-पांच लाख रुपये लेकर बैकडेट प्रमाण पत्र दिए थे। इन प्रमाण पत्रों के आधार पर अभ्यर्थियों के नाम चयन सूची में आए और दस्तावेज सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्र चयन कमेटी के समक्ष जमा कराए गए।
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एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार, कर्मचारी चयन बोर्ड, दुर्गापुरा की वर्ष 2022 की तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-1 भर्ती में खेल कोटे के लिए दो प्रतिशत पद निर्धारित थे। ताइक्वांडो के प्रमाण पत्र के आधार पर 38 अभ्यर्थी दो गुना चयन सूची में आए थे। चयन के बाद इन अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग की चयन कमेटी के सामने नेशनल स्तर के ताइक्वांडो प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे।
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एसओजी की जांच में सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने दलालों के माध्यम से फर्जी खेल प्रमाण पत्र हासिल किए थे। इन प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाई गई। इसी फर्जी आईडी से सत्यापन रिपोर्ट प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर की नियुक्ति शाखा को भेजी गई थी। मामले में 420, 467, 468, 471, 120बी आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
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एसओजी ने पहले फर्जी ईमेल से सत्यापन रिपोर्ट भेजने वाले बिमलेन्दू कुमार झा और उसके साथी कमल सिंह को 7 मई 2025 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मार्च 2026 में स्थानीय पुलिस की मदद से 20 अभ्यर्थियों समेत तीन सहयोगियों और एक दलाल को गिरफ्तार किया गया।
जांच में गिरफ्तार अभ्यर्थियों से पूछताछ में रामचंद्र बेनीवाल का नाम सामने आया। आरोप है कि उसने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में खेल कोटे से नौकरी दिलाने के लिए अभ्यर्थियों से प्रति व्यक्ति 60 हजार रुपये लेकर ताइक्वांडो चैंपियनशिप के प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए।
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वर्तमान जांच में सामने आया कि रामचंद्र और पूर्व गिरफ्तार आरोपी जगदीश सारण ने हरियाणा के रोहतक निवासी सतीश डूल से नेशनल सर्टिफिकेट तैयार कराने की बातचीत की थी। सतीश ने विकास कुमार, धोलाराम और देवी से चार-चार लाख रुपये लेकर बैकडेट के प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए। वहीं रामचंद्र ने पूर्व में गिरफ्तार छह अभ्यर्थियों से पांच-पांच लाख रुपये लेकर बैकडेट प्रमाण पत्र दिए थे। इन प्रमाण पत्रों के आधार पर अभ्यर्थियों के नाम चयन सूची में आए और दस्तावेज सत्यापन के दौरान प्रमाण पत्र चयन कमेटी के समक्ष जमा कराए गए।