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राजस्थान: केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे आईएएस गौरव गोयल आज करेंगे जॉइन, मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
Mon, 02 Nov 2026 12:13 PM IST
प्रतीक कुमार पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक कुमार पाण्डेय
Updated Mon, 02 Nov 2026 12:13 PM IST
सार
राजस्थान कैडर के 2006 बैच के आईएएस अधिकारी गौरव गोयल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से अपने मूल कैडर लौट आए हैं। लोकसभा सचिवालय ने राज्य सरकार के विशेष आग्रह पर उन्हें संयुक्त सचिव पद से कार्यमुक्त कर दिया है। अब उनके नए पदस्थापन को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि भजनलाल सरकार उन्हें किसी महत्वपूर्ण विभाग या संस्थान की जिम्मेदारी सौंप सकती है।
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केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे आईएएस गौरव गोयल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान कैडर के 2006 बैच के वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी गौरव गोयल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से अपने मूल कैडर लौट आए हैं। राज्य सरकार के विशेष आग्रह पर लोकसभा सचिवालय ने उन्हें संयुक्त सचिव पद से कार्यमुक्त कर दिया है। नई दिल्ली से जयपुर वापसी के बाद राज्य के प्रशासनिक गलियारों में नए पदस्थापन को लेकर हलचल काफी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार प्रशासनिक मजबूती और बड़ी विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए उन्हें किसी महत्वपूर्ण विभाग की कमान सौंप सकती है।
केंद्र से कैडर वापसी
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी गौरव गोयल अगस्त 2024 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली चले गए थे। वह कोटा में कलेक्टर थे, तब ही लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें दिल्ली के लिए चुन लिया था। वहां उन्होंने लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दीं। केंद्र सरकार में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने संसदीय कार्यप्रणाली, नीतिगत मामलों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को करीब से संभाला। अब राज्य सरकार की मांग पर केंद्रीय सचिवालय से सेवामुक्त होकर वे वापस राजस्थान आ गए हैं। राज्य में लौटते ही उनके नए पद और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें शुरू हो चुकी हैं।
व्यापक प्रशासनिक अनुभव
गौरव गोयल का करीब दो दशक का प्रशासनिक कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। वे बाड़मेर, भरतपुर, जोधपुर, अजमेर और कोटा जैसे बड़े जिलों में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने जयपुर विकास प्राधिकरण में आयुक्त तथा राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम में प्रबंध निदेशक के रूप में काम किया है। उन्होंने राजस्थान कौशल और आजीविका विकास निगम के प्रमुख पद की जिम्मेदारी भी संभाली है। वे राज्य में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव, राज्यपाल के सचिव तथा मुख्यमंत्री के सचिव पद पर भी कार्यरत रह चुके हैं।
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महत्वपूर्ण विभाग की कमान संभव
राज्य में उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि भजनलाल सरकार उन्हें कोई अहम भूमिका दे सकती है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि उन्हें वित्त, नगरीय विकास, बुनियादी ढांचे या उद्योग विभाग का प्रभार दिया जा सकता है। इसके अलावा उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय, रीको या जयपुर विकास प्राधिकरण के शीर्ष प्रशासनिक नेतृत्व में शामिल किया जा सकता है। चर्चा यह भी चल रही है कि सस्ते दाम पर 40 विला खरीदने के मामले में पद के दुरुपयोग के आरोप का सामना कर रहे और एपीओ किए गए आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल का पद भी गौरव गोयल को दिया जा सकता है।
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केंद्र से कैडर वापसी
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी गौरव गोयल अगस्त 2024 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली चले गए थे। वह कोटा में कलेक्टर थे, तब ही लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें दिल्ली के लिए चुन लिया था। वहां उन्होंने लोकसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दीं। केंद्र सरकार में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने संसदीय कार्यप्रणाली, नीतिगत मामलों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को करीब से संभाला। अब राज्य सरकार की मांग पर केंद्रीय सचिवालय से सेवामुक्त होकर वे वापस राजस्थान आ गए हैं। राज्य में लौटते ही उनके नए पद और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें शुरू हो चुकी हैं।
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व्यापक प्रशासनिक अनुभव
गौरव गोयल का करीब दो दशक का प्रशासनिक कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। वे बाड़मेर, भरतपुर, जोधपुर, अजमेर और कोटा जैसे बड़े जिलों में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने जयपुर विकास प्राधिकरण में आयुक्त तथा राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम में प्रबंध निदेशक के रूप में काम किया है। उन्होंने राजस्थान कौशल और आजीविका विकास निगम के प्रमुख पद की जिम्मेदारी भी संभाली है। वे राज्य में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव, राज्यपाल के सचिव तथा मुख्यमंत्री के सचिव पद पर भी कार्यरत रह चुके हैं।
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महत्वपूर्ण विभाग की कमान संभव
राज्य में उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि भजनलाल सरकार उन्हें कोई अहम भूमिका दे सकती है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि उन्हें वित्त, नगरीय विकास, बुनियादी ढांचे या उद्योग विभाग का प्रभार दिया जा सकता है। इसके अलावा उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय, रीको या जयपुर विकास प्राधिकरण के शीर्ष प्रशासनिक नेतृत्व में शामिल किया जा सकता है। चर्चा यह भी चल रही है कि सस्ते दाम पर 40 विला खरीदने के मामले में पद के दुरुपयोग के आरोप का सामना कर रहे और एपीओ किए गए आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल का पद भी गौरव गोयल को दिया जा सकता है।