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जयपुर पटाखा फैक्टरी विस्फोट पर बड़ा एक्शन: SHO समेत 8 पुलिसकर्मी निलंबित; अवैध पटाखा गोदामों पर छापेमारी शुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: हिमांशु सिंह
Updated Wed, 10 Jun 2026 05:43 PM IST
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सार
जयपुर के खोह नागोरियान अग्निकांड के बाद पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने बड़ा एक्शन लेते हुए थाना प्रभारी समेत 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) अजय सिंह को सौंपी गई है।
आठ पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जयपुर पुलिस ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर थाना प्रभारी सहित आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे शहर में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों, गोदामों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण स्थलों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है।
पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
एसएचएसओ समेत आठ पुलिसकर्मी निलंबित
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर खोह नागोरियान थाना प्रभारी ओमप्रकाश मातवा, हेड कांस्टेबल अशोक और कांस्टेबल रामावतार, दिनेश, आसिफ, हरेंद्र तथा अशोक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले पुलिस उपायुक्त (पूर्व) रंजीता शर्मा द्वारा एएसआई अमर सिंह और हेड कांस्टेबल पप्पूराम को भी निलंबित किया जा चुका है। पुलिस विभाग का मानना है कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित गतिविधियों की समय पर जानकारी और निगरानी में कमी रही, जिसकी जांच की जा रही है।
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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) को सौंपी जांच
मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस आयुक्त ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। उनके नेतृत्व में गठित समिति घटना से जुड़े सभी पहलुओं, सुरक्षा मानकों के पालन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पूरे जयपुर में चलेगा विशेष अभियान
अग्निकांड के बाद जयपुर पुलिस ने शहरभर में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों, गोदामों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण स्थलों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण, सत्यापन और सर्वे करने को कहा गया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डोर-टू-डोर सर्वे के निर्देश
पुलिस आयुक्त ने थाना स्तर पर बीट अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को डोर-टू-डोर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान अवैध रूप से संचालित पटाखा गोदामों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण स्थलों की पहचान की जाएगी। अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- जयपुर पटाखा फैक्टरी विस्फोट: 8 लोगों की मौत का आरोपी याकूब पुलिस की पकड़ से दूर, दो पुलिसकर्मी निलंबित
सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
सचिन मित्तल ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना पुलिस और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सुरक्षा मानकों की नियमित समीक्षा, निगरानी और प्रवर्तन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जयपुर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लोगों के जीवन एवं संपत्ति को खतरे में डालने वाली किसी भी अवैध गतिविधि को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि खोह नागोरियान अग्निकांड में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, जिसके बाद प्रशासन पर कार्रवाई को लेकर लगातार दबाव बना हुआ था।
पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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एसएचएसओ समेत आठ पुलिसकर्मी निलंबित
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर खोह नागोरियान थाना प्रभारी ओमप्रकाश मातवा, हेड कांस्टेबल अशोक और कांस्टेबल रामावतार, दिनेश, आसिफ, हरेंद्र तथा अशोक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले पुलिस उपायुक्त (पूर्व) रंजीता शर्मा द्वारा एएसआई अमर सिंह और हेड कांस्टेबल पप्पूराम को भी निलंबित किया जा चुका है। पुलिस विभाग का मानना है कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित गतिविधियों की समय पर जानकारी और निगरानी में कमी रही, जिसकी जांच की जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम) को सौंपी जांच
मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस आयुक्त ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। उनके नेतृत्व में गठित समिति घटना से जुड़े सभी पहलुओं, सुरक्षा मानकों के पालन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पूरे जयपुर में चलेगा विशेष अभियान
अग्निकांड के बाद जयपुर पुलिस ने शहरभर में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों, गोदामों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण स्थलों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण, सत्यापन और सर्वे करने को कहा गया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डोर-टू-डोर सर्वे के निर्देश
पुलिस आयुक्त ने थाना स्तर पर बीट अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को डोर-टू-डोर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान अवैध रूप से संचालित पटाखा गोदामों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण स्थलों की पहचान की जाएगी। अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
सचिन मित्तल ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना पुलिस और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सुरक्षा मानकों की नियमित समीक्षा, निगरानी और प्रवर्तन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जयपुर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लोगों के जीवन एवं संपत्ति को खतरे में डालने वाली किसी भी अवैध गतिविधि को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि खोह नागोरियान अग्निकांड में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, जिसके बाद प्रशासन पर कार्रवाई को लेकर लगातार दबाव बना हुआ था।