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Jaipur News: पुलिस को छह महीने तक चकमा देता रहा इनामी आरोपी, तकनीकी निगरानी से पकड़ा गया बदमाश
Fri, 10 Jul 2026 08:15 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 08:15 PM IST
सार
पॉक्सो एक्ट के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी को जयपुर पूर्व पुलिस ने तकनीकी सहायता और लगातार निगरानी के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
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पुलिस हिरासत में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयपुर पूर्व पुलिस ने POCSO एक्ट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। बजाज नगर थाना पुलिस ने छह माह से फरार स्थायी वारंटी अमरीश शर्मा को तकनीकी सहायता और लगातार निगरानी के बाद दबोच लिया। आरोपी अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग स्थानों पर रहकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा (आईपीएस) ने बताया कि परिवादी की शिकायत पर बजाज नगर थाने में POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी अमरीश शर्मा अपने दर्ज पते से फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी गई लेकिन सफलता नहीं मिलने पर न्यायालय से स्थायी वारंट जारी कराया गया। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
डीसीपी ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल के सुपरविजन तथा सहायक पुलिस आयुक्त मालवीय नगर विनोद शर्मा के निर्देशन में थानाधिकारी रामधन डोभाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी शाखा की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए उसकी पहचान सुनिश्चित की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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पुलिस के अनुसार आरोपी करीब छह माह से लगातार ठिकाने बदल रहा था और अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर रह रहा था ताकि गिरफ्तारी से बच सके। विशेष टीम के समन्वित प्रयासों के चलते आखिरकार पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही।
इस कार्रवाई में थानाधिकारी रामधन डोभाल, उपनिरीक्षक गिरवर सिंह, हेड कांस्टेबल धर्मसिंह, तकनीकी शाखा के हेड कांस्टेबल संजय राहड़, कांस्टेबल नरेन्द्र कुमार, महेन्द्र कुमार, रामावतार और राजकिशोर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से हेड कांस्टेबल धर्मसिंह, संजय राहड़, महेन्द्र कुमार और रामावतार के प्रयासों की पुलिस अधिकारियों ने सराहना की। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा (आईपीएस) ने बताया कि परिवादी की शिकायत पर बजाज नगर थाने में POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी अमरीश शर्मा अपने दर्ज पते से फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी गई लेकिन सफलता नहीं मिलने पर न्यायालय से स्थायी वारंट जारी कराया गया। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
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डीसीपी ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल के सुपरविजन तथा सहायक पुलिस आयुक्त मालवीय नगर विनोद शर्मा के निर्देशन में थानाधिकारी रामधन डोभाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी शाखा की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए उसकी पहचान सुनिश्चित की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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पुलिस के अनुसार आरोपी करीब छह माह से लगातार ठिकाने बदल रहा था और अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर रह रहा था ताकि गिरफ्तारी से बच सके। विशेष टीम के समन्वित प्रयासों के चलते आखिरकार पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही।
इस कार्रवाई में थानाधिकारी रामधन डोभाल, उपनिरीक्षक गिरवर सिंह, हेड कांस्टेबल धर्मसिंह, तकनीकी शाखा के हेड कांस्टेबल संजय राहड़, कांस्टेबल नरेन्द्र कुमार, महेन्द्र कुमार, रामावतार और राजकिशोर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से हेड कांस्टेबल धर्मसिंह, संजय राहड़, महेन्द्र कुमार और रामावतार के प्रयासों की पुलिस अधिकारियों ने सराहना की। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।