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Rajasthan News: पैरामेडिकल में नकल की साजिश नाकाम, कॉलेज संचालक समेत 4 गिरफ्तार; 45 को पास कराने का था सौदा
Mon, 29 Jun 2026 04:24 PM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Mon, 29 Jun 2026 04:24 PM IST
सार
जयपुर पुलिस ने पैरामेडिकल परीक्षा में 45 छात्रों को नकल कराकर पास कराने की साजिश का भंडाफोड़ किया। कॉलेज संचालक, एचओडी और लेक्चरर समेत चार आरोपी गिरफ्तार, 5.50 लाख का सौदा हुआ था।
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जयपुर पैरामेडिकल परीक्षा नकल गिरोह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयपुर पुलिस ने सोमवार को पैरामेडिकल परीक्षा में नकल की साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने नकल गिरोह में शामिल 2 कॉलेजों के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कॉलेज के संचालक, HOD और लेक्चरर शामिल हैं।
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जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पेपर पढ़ाकर (नकल करवाकर) झुंझुनूं के एक कॉलेज के 45 छात्रों को परीक्षा पास करवानी थी। इसके एवज में कुल 5.50 लाख रुपए का सौदा तय हुआ था। फिलहाल, खोराबीसल थाना पुलिस गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जयपुर के परीक्षा केंद्र पर स्टूडेंट्स को परीक्षा का पेपर पढ़ाया जाना था।
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कॉलेज के संचालक, HOD और लेक्चरर गिरफ्तार
डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- मामले में खोराबीसल थाना पुलिस ने दोनों कॉलेजों से जुड़े 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में झुंझुनूं के मुकुंदगढ़ स्थित एस. करण कॉलेज के HOD कृष्ण कुमार, लेक्चरर शंकर लाल जाट (27), और जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक रामकृष्ण मंडीवाल व उनके भतीजे देव कृष्ण शामिल हैं।
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एक ही कमरे में बैठाकर नकल कराने का था प्लान
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि झुंझुनूं के एस. करण कॉलेज के इन सभी 45 फर्स्ट ईयर के छात्रों के बैक आई हुई थी। इन्हें पास करवाने के एवज में जयपुर के परीक्षा केंद्र के संचालक से 5.50 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। साजिश के तहत इन सभी छात्रों को परीक्षा केंद्र के एक ही कमरे में बैठाया जाना था, जहां परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात इनविजिलेटर (वीक्षक) के जरिए उन्हें पेपर पढ़ाया जाना था।
पुलिस कंट्रोल रूम को मिली सूचना
साजिश का खुलासा तब हुआ जब 27 जून को पुलिस कंट्रोल रूम को कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में पैसे लेकर पेपर लीक कराने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही एक्टिव हुई DST टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की और प्रताप नगर से कृष्ण कुमार सैनी और शंकर लाल जाट को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके बैग से दो डायरियां मिलीं, जिनमें परीक्षा देने वाले छात्रों के नाम और उनसे ली गई रकम का पूरा हिसाब-किताब दर्ज था।
इनविजिलेटर सेट करने के लिए दिए थे 3.27 लाख रुपए
पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल की वॉट्सऐप चैट खंगाली, तो उसमें 'शंकर बाजिया सर' के नाम से चैट मिली। इसमें परीक्षा देने वाले छात्रों के एडमिट कार्ड की पीडीएफ फाइलें शेयर की गई थीं, जिन पर परीक्षा केंद्र का नाम प्रभा देवी मेमोरियल कॉलेज लिखा था। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने 45 छात्रों से कुल 5.50 लाख रुपए लिए थे, जिसमें से 27 जून को ही 3.27 लाख रुपए रामकृष्ण मंडीवाल के जरिए कॉलेज के संस्थापक देवकृष्ण मंडीवाल को दिए गए थे, ताकि परीक्षा कक्ष में मनपसंद इनविजिलेटर (वीक्षक) लगाकर नकल कराई जा सके।