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Rajasthan: लाउडस्पीकर पर सियासी संग्राम, डोटासरा ने उठाई कार्रवाई की मांग, बेढम बोले- नियम सब पर लागू होंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 30 Jan 2026 05:57 PM IST
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सार
राजस्थान में लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर राजनीति तेज हो गई है। मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों की आवाज तय करने के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा हुआ। हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य द्वारा उठाए गए सवाल के बाद कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गईं।
लाउडस्पीकर विवाद पर आमने-सामने डोटासरा–बेढम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान में लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर सियासत तेज हो गई है। मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों की आवाज तय करने के मुद्दे पर विधानसभा से लेकर सड़कों तक हंगामा देखने को मिला। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम के बयान सामने आए हैं, वहीं हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने भी अपनी बात दोहराई है।
लाउडस्पीकर मुद्दे पर डोटासरा का बड़ा बयान
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने लाउडस्पीकर के मुद्दे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए और भविष्य में उन्हें चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। डोटासरा ने कहा कि इस तरह के बयान और गतिविधियां समाज में तनाव पैदा करने वाली हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लाउडस्पीकर से जुड़े वीडियो और बयानों के आधार पर ही सच्चाई सामने आ जाएगी।
विधानसभा में मस्जिदों के लाउडस्पीकर पर हंगामा
मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों को लेकर विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम और गोविंद सिंह डोटासरा की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। विपक्ष ने सरकार पर नियमों के पालन में ढिलाई का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने गाइडलाइन का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।
लाउडस्पीकर पर क्या बोले गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि लाउडस्पीकर की आवाज कितनी होनी चाहिए, आस-पड़ोस के लोग क्या महसूस करते हैं, इसे लेकर समय-समय पर गाइडलाइन जारी की गई हैं। उन्होंने कहा कि हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने सदन में अपनी पीड़ा रखी है, ऐसे में नियमों की पालना सुनिश्चित करना जरूरी है।
बेड़म ने स्पष्ट किया कि जो नियमावली बनी है, वह सभी सरकारों के समय में बनाई गई है और उनकी पालना कराई जाएगी। यदि किसी भी धार्मिक संस्थान या भवन पर लाउडस्पीकर नियमों के विरुद्ध तेज आवाज में चलाए जा रहे हैं, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विधायक ने अपने क्षेत्र में जिन ध्वनि विस्तारक यंत्रों के नियम उल्लंघन का मुद्दा उठाया है, उस पर प्रशासन ध्यान देगा।
ये भी पढ़ें: Jaipur News: कांग्रेस ने चार जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की, जयपुर शहर का जिम्मा सुनील शर्मा को
बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने दोहराई मांग
हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने गुरुवार (29 जनवरी) को विधानसभा में लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित करने का मुद्दा उठाया था। शुक्रवार (30 जनवरी) को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि उनकी विधानसभा में कई मस्जिद और मदरसे हैं और उन्हें किसी धर्म या पूजा पद्धति से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में बड़ी संख्या में मस्जिदें बनी हैं, लेकिन सभी धर्मों की अपनी-अपनी पूजा पद्धति होती है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। विधायक ने आरोप लगाया कि लाउडस्पीकर की आवाज लगातार बढ़ाई जा रही है। हर मंजिल पर 8 से 10 स्पीकर लगाए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को परेशानी हो रही है।
'सत्संग और भजन 10 बजे बंद करवा देते हैं'
बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि क्षेत्र में रहने वाले बच्चे इसकी शिकायत करते हैं और बताते हैं कि उन्हें पढ़ाई में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो लोग शहर छोड़ने की बात तक कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। लेकिन जब हमारी पूजा-प्रार्थना, सत्संग और भजन होते हैं तो रात 10 बजे के बाद बंद करने के निर्देश आते हैं और हम उनका पालन करते हैं। जब हम नियम मानने को तैयार हैं, तो दूसरों को भी नियमों का पालन करना चाहिए।'
सनातन धर्म में रोज ऐसा नहीं होता : विधायक
बीजेपी विधायक ने कहा कि तेज आवाज में लाउडस्पीकर चलाने से बच्चों के साथ-साथ माइग्रेन के मरीजों को भी गंभीर परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में रोजाना इस तरह 8–10 मंजिलों पर कई-कई लाउडस्पीकर लगाने की परंपरा नहीं है। कभी-कभार किसी उत्सव में ऐसा हो सकता है, लेकिन हर दिन ऐसा माहौल नहीं होना चाहिए।
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने लाउडस्पीकर के मुद्दे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए और भविष्य में उन्हें चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। डोटासरा ने कहा कि इस तरह के बयान और गतिविधियां समाज में तनाव पैदा करने वाली हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लाउडस्पीकर से जुड़े वीडियो और बयानों के आधार पर ही सच्चाई सामने आ जाएगी।
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विधानसभा में मस्जिदों के लाउडस्पीकर पर हंगामा
मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों को लेकर विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम और गोविंद सिंह डोटासरा की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। विपक्ष ने सरकार पर नियमों के पालन में ढिलाई का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने गाइडलाइन का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।
लाउडस्पीकर पर क्या बोले गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि लाउडस्पीकर की आवाज कितनी होनी चाहिए, आस-पड़ोस के लोग क्या महसूस करते हैं, इसे लेकर समय-समय पर गाइडलाइन जारी की गई हैं। उन्होंने कहा कि हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने सदन में अपनी पीड़ा रखी है, ऐसे में नियमों की पालना सुनिश्चित करना जरूरी है।
बेड़म ने स्पष्ट किया कि जो नियमावली बनी है, वह सभी सरकारों के समय में बनाई गई है और उनकी पालना कराई जाएगी। यदि किसी भी धार्मिक संस्थान या भवन पर लाउडस्पीकर नियमों के विरुद्ध तेज आवाज में चलाए जा रहे हैं, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विधायक ने अपने क्षेत्र में जिन ध्वनि विस्तारक यंत्रों के नियम उल्लंघन का मुद्दा उठाया है, उस पर प्रशासन ध्यान देगा।
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बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने दोहराई मांग
हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने गुरुवार (29 जनवरी) को विधानसभा में लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित करने का मुद्दा उठाया था। शुक्रवार (30 जनवरी) को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि उनकी विधानसभा में कई मस्जिद और मदरसे हैं और उन्हें किसी धर्म या पूजा पद्धति से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में बड़ी संख्या में मस्जिदें बनी हैं, लेकिन सभी धर्मों की अपनी-अपनी पूजा पद्धति होती है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। विधायक ने आरोप लगाया कि लाउडस्पीकर की आवाज लगातार बढ़ाई जा रही है। हर मंजिल पर 8 से 10 स्पीकर लगाए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को परेशानी हो रही है।
'सत्संग और भजन 10 बजे बंद करवा देते हैं'
बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि क्षेत्र में रहने वाले बच्चे इसकी शिकायत करते हैं और बताते हैं कि उन्हें पढ़ाई में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो लोग शहर छोड़ने की बात तक कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। लेकिन जब हमारी पूजा-प्रार्थना, सत्संग और भजन होते हैं तो रात 10 बजे के बाद बंद करने के निर्देश आते हैं और हम उनका पालन करते हैं। जब हम नियम मानने को तैयार हैं, तो दूसरों को भी नियमों का पालन करना चाहिए।'
सनातन धर्म में रोज ऐसा नहीं होता : विधायक
बीजेपी विधायक ने कहा कि तेज आवाज में लाउडस्पीकर चलाने से बच्चों के साथ-साथ माइग्रेन के मरीजों को भी गंभीर परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में रोजाना इस तरह 8–10 मंजिलों पर कई-कई लाउडस्पीकर लगाने की परंपरा नहीं है। कभी-कभार किसी उत्सव में ऐसा हो सकता है, लेकिन हर दिन ऐसा माहौल नहीं होना चाहिए।