Rajasthan Assembly News: SIR विवाद ने विधानसभा में भड़का तूफान! टीकाराम जूली और जोगाराम पटेल हुए आमने-सामने
राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार के दिन की कार्यवाही हंगामेदार रही। शून्यकाल के दौरान एसआईआर (SIR) में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठा। इस पर हंगामा भी हुआ। वहीं प्रश्नकाल में जर्जर स्कूल भवनों और सामाजिक सुरक्षा पेंशन का मुद्दों गरमाया।
विस्तार
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के शुक्रवार के दिन की कार्यवाही पूरी तरह हंगामेदार रही। प्रश्नकाल से ही कांग्रेस और बीजेपी के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। एसआईआर, जर्जर स्कूल भवनों, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और ओबीसी छात्रवृत्ति के आंकड़ों को लेकर बहस गर्म रही। शून्यकाल के दौरान एसआईआर में कथित गड़बड़ी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया।
एसआईआर में कथित गड़बड़ी पर हंगामा
शून्यकाल के दौरान एसआईआर (SIR) में कथित गड़बड़ी का मुद्दा जोर-शोर से उठा। कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन गैसावत को स्पीकर ने पर्ची के माध्यम से यह विषय उठाने की अनुमति दी। जैसे ही उन्होंने बोलना शुरू किया, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह विषय सदन में उठाया ही नहीं जा सकता क्योंकि मतदाता सूची तैयार करने का कार्य चुनाव आयोग का है और इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और संसदीय कार्य मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जब स्पीकर ने विषय उठाने की अनुमति दी है, तो उस पर आपत्ति कैसे की जा सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि एसआईआर में आई आवेदन प्रक्रियाएं कहां से आईं और फर्जी फॉर्म के बंडल जमा कराने वाले लोग कौन थे। जूली ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की और कहा कि इसमें सजा का प्रावधान भी है। बढ़ते शोर-शराबे के बीच स्पीकर ने लंच ब्रेक से पांच मिनट पहले सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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सदन फिर शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने रखी अपनी बात
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने SIR का जो मुद्दा पर्ची के माध्यम से उठाया, उस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने एतराज जताया। मैं समझता हूं कि ऐसा नहीं होना चाहिए था, लेकिन फिर भी निर्वाचन सुधारों पर जैसे लोकसभा में चर्चा हुई, वैसे ही आप आधे घंटे का कोई वक्त तय कर दीजिए। सदन में इस विषय पर चर्चा करा लीजिए,
इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि एक बात तो यह की चुनाव आयोग स्वतंत्र संस्था है। संसद में भी SIR पर कोई चर्चा नहीं हुई। चुनाव सुधारो पर चर्चा हुई थी। संसदीय चुनाव सुधार के कानून संसद बनाती है, संविधान संशोधन का काम भी संसद ही करती है। हमारे यहां लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में राजस्थान सरकार की कोई भागीदारी नहीं होती। ऐसे में चुनाव सुधारो को लेकर इस विधानसभा के पटल पर चर्चा नहीं हो सकती। अगर निकाय चुनाव या पंचायती राज चुनाव के सुधारों को लेकर कोई चर्चा करना चाहते हैं, तो उस पर फिर भी विधानसभा में चर्चा हो सकती है, क्योंकि उसके नियम हम बनाते हैं। विधानसभा और सांसद चुनाव को लेकर सुधारो पर राजस्थान विधानसभा में चर्चा नहीं होनी चाहिए। इस पर जूली ने कहा कि, पंचायती राज और नगर निकाय के चुनाव राजस्थान में भी तो होंगे। हम उसे पर चर्चा कर लेंगे ।
दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधि मंत्री और नेता प्रतिपक्ष दोनों की बात मेरे संज्ञान में आ गई है। अब इस पर कानूनी मामलों के विशेषज्ञों से बात करके मैं फैसला लूंगा।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जवाब दिया कि चुनाव आयोग स्वतंत्र संस्था है। संसद में भी SIR पर कोई चर्चा नहीं हुई थी, केवल चुनाव सुधारों पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि संसदीय चुनाव सुधार कानून संसद बनाती है और संविधान संशोधन का काम भी संसद का है। राजस्थान सरकार का इसमें कोई दखल नहीं है। इसलिए विधानसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा नहीं हो सकती। हालांकि, निकाय चुनाव या पंचायती राज चुनाव के सुधारों पर चर्चा संभव है। जूलि ने कहा कि पंचायती राज और नगर निकाय के चुनाव राजस्थान में भी होंगे, इसलिए उस पर चर्चा करेंगे। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधि मंत्री और नेता प्रतिपक्ष दोनों की बात मेरे संज्ञान में आ गई है। अब इस पर कानूनी मामलों के विशेषज्ञों से विचार करके निर्णय लिया जाएगा।
जर्जर स्कूल भवन और पेंशन पर तू-तू, मैं-मैं
सत्र की शुरुआत जर्जर स्कूल भवनों के मुद्दे से हुई, जहां कांग्रेस और भाजपा के विधायकों में तू-तू, मैं-मैं का दृश्य देखने को मिला। इसके बाद सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस के सभी विधायकों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। ओबीसी छात्रवृत्ति के आंकड़ों को लेकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री के उत्तर पर भी नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कड़ी आपत्ति जताई। जूली ने कहा कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो कांग्रेस विधायक सदन से बाहर चले जाएंगे। इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने उनके व्यवहार पर आपत्ति जताई। मंत्रियों द्वारा बार-बार बीच में बोलने पर भी नेता प्रतिपक्ष ने विरोध जताया। विरोध स्वरूप कांग्रेस के सभी विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।