LPG Crisis: एलपीजी संकट पर कांग्रेस का हमला, डोटासरा बोले- देश में गैस की किल्लत से हाहाकार
जयपुर में कांग्रेस ने एलपीजी संकट को लेकर सरकार पर निशाना साधा। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गैस सिलेंडर की किल्लत, कीमत बढ़ोतरी और कमर्शियल सप्लाई बंद होने पर विरोध जताया। कांग्रेस ने राज्यभर में आंदोलन की चेतावनी दी।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एलपीजी गैस संकट को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात और खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण देश में कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद है, कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है और कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
डोटासरा ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और व्यावसायिक सिलेंडर में 115 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत करीब 1950 रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण देशभर में लोग गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े हैं।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी, कोरोना और अब गैस संकट के कारण जनता को बार-बार लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। गैस की कमी से होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल मैस और कॉलेज कैंटीन प्रभावित हो रहे हैं। जयपुर, सीकर और कोटा जैसे शहरों में पढ़ाई करने आए छात्र भी भोजन संकट से जूझ रहे हैं क्योंकि मैस और ढाबों में गैस की सप्लाई कम हो गई है।
डोटासरा ने कहा कि पर्यटन उद्योग पर भी इसका असर पड़ रहा है। होटल और समारोहों की बुकिंग में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट आई है। शादी समारोहों में मेहमानों की संख्या कम की जा रही है और भोजन की कीमतें भी लगभग दोगुनी हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समस्या के समाधान की बजाय लोगों को भ्रमित कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को केवल निगरानी ही नहीं बल्कि गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए, लेकिन इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गैस संकट के कारण कपड़ा, सिरेमिक, पर्यटन, सीमेंट और उर्वरक जैसे उद्योगों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है और जयपुर जिले में बोरोसिल फैक्ट्री बंद होने से करीब तीन हजार मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।
डोटासरा ने मांग की कि प्रदेश में गैस आपूर्ति को सुचारु किया जाए, प्रभावित उद्योगों और बेरोजगार हुए श्रमिकों के लिए राहत पैकेज दिया जाए और जिन परिवारों में विवाह हैं उन्हें व्यावसायिक गैस सिलेंडर तुरंत उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही उन्होंने राज्य में बनी रिफाइनरी को जल्द शुरू करने की भी मांग की।
इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार ने विधानसभा में गैस की कोई कमी नहीं होने का दावा किया था, लेकिन उसके फैसलों से ही प्रदेश में घबराहट का माहौल बना है। पहले गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए और फिर व्यावसायिक सिलेंडर की सप्लाई रोक दी गई।
जूली ने कहा कि गैस आपूर्ति में कमी के कारण होटल, ढाबे, कैंटीन, कपड़ा और पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहे हैं और कई व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि गैस सिलेंडरों की उपलब्धता और मांग को लेकर श्वेत पत्र जारी किया जाए।
कांग्रेस ने गैस संकट और महंगाई के विरोध में प्रदेशभर में आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने के निर्देश दिए गए हैं, इसके बाद ब्लॉक और मंडल स्तर पर भी प्रदर्शन होंगे और राजधानी से प्रदेशस्तरीय आंदोलन शुरू किया जाएगा।