LPG Crisis: अब तवा चपाती नहीं, सिर्फ तंदूरी 'बाइट', मैस की थाली से भी डिश हुई आधी
गैस सिलिंडरों की किल्लत बाजारा में कारोबार के तौर तरीकों को भी बदल रही है। शहर के प्रमुख इलाकों में ढाबों से अब तवा चपाती गायब हो चुकी है और उसकी जगह अब सिर्फ तंदूरी रोटी रह गई है। राजस्थान पर गैस किल्लत का कितना असर पढिए इस रिपोर्ट में-
विस्तार
राजस्थान में एलपीजी गैस की सप्लाई गड़बड़ाने से बाजार में कोयला, लकड़ी और इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ गई है। व्यापारियों के अनुसार पिछले दो दिनों में इनकी डिमांड अचानक दोगुनी हो गई है। वहीं जयपुर में ढाबों से अब तवा चपाती गायब हो चुकी है। अब ढाबों पर सिर्फ तंदूरी रोटी के ही साइन बोर्ड लगने लगे हैं। अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता आशीष कुलश्रेष्ठ ने जयपुर के प्रमुख बस अड्डे सिंधी कैंप पर जाकर ढाबे वालों से हालात जाने।
सिंधी कैंप पर ढाबा संचालकों ने बताया कि उनके ढाबे अब पूरी तरह से भट्टियों पर शिफ्ट हो गए हैं। एक ढाबा संचालक ने बताया कि आज-आज हमने जैसे-तैसे करके तवा रोटी बना ली है। सिलिंडर के लिए भी भीख मांगनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कल से हमारे यहां सिर्फ तंदूरी रोटी ही मिल पाएगी। ढाबा संचालाकों का कहना है कि भट्टी में कोयले के लिए भी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। कोयला बेचने वालों का कहना है कि उनके पास आज-आज का स्टॉक है और कल के बारे में उन्हें भी कोई जानकारी नहीं है।
सरकारी दावे हुए फेल; हॉस्टल्स की मैस पर भी जबरदस्त असर
कोटा-सीकर में हॉस्टल मैस पर भी इसका असर देखने को मिला है। कोटा हॉस्टल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल का कहना है कि सिलिंडरों की भारी किल्लत ने हॉस्टल्स की खराब हो चुकी है। उन्हाेंने कहा कि कोटा में करीब 500 मैस हैं जिनमें प्रति दिन करीब 25 से 30 हजार छात्र खाना खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने भले ही शैक्षणिक संस्थानों के लिए पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रही है लेकिन ऐसा धरातल पर नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि हॉस्टल में पहले छात्रों को तीन डिश दी जाती थी जिसे घटाकर एक कर दिया गया है और सुबह भी अब ड्राइ नाश्ता ही दिया जा रहा है।
बुकिंग सर्वर ठप होने से बढ़ रही परेशानी
संकट की इस घड़ी में गैस कंपनियों के सर्वर भी जवाब दे गए हैं। इंडेन के बाद अब भारत गैस का सर्वर ठप होने की भी शिकायतें जगह-जगह से आ रही हैं। जयपुर, अलवर, कोटा, भरतपुर और जोधपुर सहित कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने फूड डिपार्टमेंट के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं।
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने हेतु तीन हेल्पलाइन
वहीं सरकार ने जिलाधिकारीयों को निर्देशित करते हुए कहा की पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 पर एलपीजी सिलिंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण आदि के संबंध में आई शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी संज्ञान लेकर कार्यवाही की जाएगी। साथ ही राजस्थान संपर्क की हेल्पलाइन नंबर 181 पर भी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायत की जा सकेगी। उपभोक्ता मामले विभाग के हेल्पलाइन नंबर 14435 पर भी इस संबंध में शिकायत दर्ज की जा सकेगी।
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