अमायरा सुसाइड केस: नीरजा मोदी स्कूल के मालिक, प्रिंसिपल समेत चार पर चलेगा मुकदमा
जयपुर कोर्ट ने अमायरा सुसाइड मामले में नीरजा मोदी स्कूल के मालिक, प्रिंसिपल, टीचर और सफाईकर्मी के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया। मामला अब बाल न्यायालय में चलेगा।
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नीरजा मोदी स्कूल की 9 वर्षीय छात्रा अमायरा सुसाइड मामले में जयपुर की एसीजेएम-10 कोर्ट ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्कूल के मालिक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदू दुबे, टीचर पुनीता शर्मा और सफाईकर्मी रामू के खिलाफ पुलिस की ओर से पेश आरोपों पर संज्ञान लेते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए बाल न्यायालय (जुवेनाइल कोर्ट) भेज दिया। सुनवाई के दौरान सभी आरोपी अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें जमानत दे दी गई।
कोर्ट ने अमायरा के परिजनों की उस याचिका को स्वीकार नहीं किया, जिसमें आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने (अबेटमेंट टू सुसाइड) और स्कूल मालिक व प्रिंसिपल पर बच्चे के साथ क्रूरता की अतिरिक्त धाराएं जोड़ने की मांग की गई थी। अदालत ने पुलिस की चार्जशीट में शामिल धाराओं के आधार पर ही संज्ञान लिया।
इससे पहले पुलिस ने जांच पूरी कर स्कूल मालिक, प्रिंसिपल, टीचर और सफाईकर्मी के खिलाफ लापरवाही, सबूत मिटाने और किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चे के साथ क्रूरता सहित विभिन्न धाराओं में चालान पेश किया था। हालांकि, पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप प्रमाणित नहीं माना था, जिस पर अमायरा के परिजनों ने कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई थी।
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सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अमित शर्मा ने दलील दी कि केवल क्लास टीचर ही नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल भी समान रूप से जिम्मेदार हैं। उनका कहना था कि सभी आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और बच्चे के साथ क्रूरता की धाराएं लगाई जानी चाहिए।
वहीं, स्कूल प्रबंधन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक राज बाजवा ने तर्क दिया कि यह घटना एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा थी और किसी भी आरोपी ने जानबूझकर ऐसा कोई कृत्य नहीं किया, जिससे आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बनता हो। उन्होंने यह भी कहा कि संज्ञान के स्तर पर नई धाराएं जोड़ने का अधिकार कोर्ट के पास नहीं है।
गौरतलब है कि 1 नवंबर 2025 को नीरजा मोदी स्कूल में चौथी मंजिल से कूदकर 9 वर्षीय छात्रा अमायरा ने आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद पुलिस ने विस्तृत जांच कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अब मामले की आगे की सुनवाई बाल न्यायालय में होगी।