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Jaipur News: एक तरफ तालियां, दूसरी तरफ आंसू! नर्सिंग पेशे को लेकर जयपुर में दिखा बड़ा विरोधाभास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 05:15 PM IST
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सार
राजधानी में एक ओर नर्सिंग कर्मियों के सम्मान में तालियां गूंज रही थीं, वहीं दूसरी ओर संविदा नर्सिंगकर्मी दीपक खरवाल की मौत के बाद साथी कर्मचारी न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। जयपुर में शुक्रवार को नर्सिंग पेशे की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं।
एक तरफ सम्मान, दूसरी तरफ धरना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी जयपुर में शुक्रवार को नर्सिंग पेशे से जुड़ी दो बिल्कुल अलग तस्वीरें देखने को मिलीं। एक ओर नर्सिंग कर्मियों के योगदान को सम्मानित करने का भव्य आयोजन हुआ, वहीं दूसरी ओर संविदा नर्सिंगकर्मी दीपक खरवाल की मौत के बाद उसके साथी न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे रहे।
दरअसल फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' की विशेष स्क्रीनिंग के दौरान आयोजित कार्यक्रम में कई नर्सिंग कर्मियों को सम्मानित किया गया और आमजन से भी उनके प्रति सम्मान का भाव रखने की अपील की गई। कार्यक्रम में सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनौत, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, जयपुर सांसद मंजू शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। ये फिल्म उन अनसुने और अनदेखे सेवा कर्मियों के जीवन और योगदान पर आधारित बताई गई जिनकी भूमिका समाज के लिए महत्वपूर्ण रही है।
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उधर प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज परिसर में कई नर्सिंगकर्मी धरने पर बैठे रहे। उनका विरोध संविदा नर्सिंगकर्मी दीपक खरवाल की मौत को लेकर था। 25 वर्षीय दीपक सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय में निजी फर्म के माध्यम से संविदा पर कार्यरत था। हाल ही में चिकित्सा विभाग द्वारा एसएमएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में कार्यरत करीब 460 संविदा नर्सिंगकर्मियों को हटाए जाने के बाद वह भी प्रभावित हुआ था और नौकरी छूटने के बाद मानसिक रूप से परेशान था।
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शुक्रवार सुबह वह विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ था। आरोप है कि इसके बाद उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। उसे तत्काल एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित नर्सिंगकर्मियों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मृतक के परिजनों और साथी कर्मचारियों ने चिकित्सा मंत्री के इस्तीफे, परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है।
इस बीच नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की मौजूदगी में अधिकारियों और परिजनों के बीच वार्ता हुई। बेनीवाल ने अपनी पार्टी की ओर से परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। हालांकि प्रदर्शनकारी नर्सिंगकर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
राजधानी में एक ही दिन नर्सिंग कर्मियों के सम्मान और एक संविदा नर्सिंगकर्मी की मौत को लेकर उठे विरोध ने व्यवस्था और संवेदनाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।