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Rajasthan Assembly: जन विश्वास संशोधन बिल पर हंगामा, डिवीजन की मांग के बीच भागते हुए सदन पहुंचे भाजपा विधायक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Mon, 16 Feb 2026 06:01 PM IST
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सार

Rajasthan Assembly Session: राजस्थान विधानसभा में जन विश्वास संशोधन बिल पेश होते समय विपक्ष ने भाजपा विधायकों की कम उपस्थिति का मुद्दा उठाकर डिवीजन की मांग की। हंगामे के बीच कई भाजपा विधायक दौड़कर सदन पहुंचे। स्पीकर की मंजूरी के बाद कार्यवाही आगे बढ़ी।
 

Rajasthan Assembly: Uproar over Public Trust Amendment Bill, BJP MLAs rush to House amid demands for division
राजस्थान विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजस्थान विधानसभा में सोमवार को एक बिल पेश किए जाने के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई। लंच ब्रेक के बाद जब संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ‘जन विश्वास संशोधन बिल’ सदन में प्रस्तुत कर रहे थे, उसी दौरान विपक्ष ने भाजपा विधायकों की कम उपस्थिति का मुद्दा उठाया। इस घटनाक्रम ने सदन का माहौल अचानक गरमा दिया और कार्यवाही के दौरान तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

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विपक्ष ने की मत विभाजन की मांग
बिल को पेश किए जाने के समय कांग्रेस ने सदन में मौजूद भाजपा विधायकों की संख्या पर सवाल उठाते हुए डिवीजन, यानी मत विभाजन की मांग कर दी। विपक्ष का कहना था कि जब पर्याप्त संख्या में सदस्य उपस्थित नहीं हैं, तब औपचारिक वोटिंग करवाई जानी चाहिए।
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स्पीकर द्वारा वॉइस वोटिंग के माध्यम से बिल टेबल करने की अनुमति दिए जाने पर विपक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया और स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई।
 
उपनेता प्रतिपक्ष की आपत्ति
उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने कहा कि सदन में भाजपा विधायकों की संख्या पर्याप्त नहीं है, इसलिए विधिवत मतदान कराया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में डिवीजन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए ताकि स्पष्ट रूप से सदन की राय सामने आ सके। इस मांग के दौरान सदन का माहौल और अधिक गरमा गया। विपक्ष के सदस्य अपनी बात पर अड़े रहे, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से बिल को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी रही।
 
भाजपा विधायकों की जल्दबाजी में एंट्री
वोटिंग की मांग उठते ही कई भाजपा विधायक तेजी से सदन की ओर आते दिखाई दिए। जानकारी के अनुसार, कुछ विधायक जल्दबाजी में दौड़ते हुए सदन पहुंचे। इस घटनाक्रम ने सदन के भीतर हलचल का माहौल पैदा कर दिया। हालांकि, स्पीकर पहले ही बिल को सदन में रखने की मंजूरी दे चुके थे। इसके बाद कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया और हंगामे के बीच भी प्रक्रिया जारी रही।

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सहयोग की परंपरा का उल्लेख
हंगामा शांत होने के बाद सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि सदन में पारस्परिक सहयोग की परंपरा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अनावश्यक रूप से विधायकों की अनुपस्थिति का मुद्दा बना रहा है, जो उचित नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस प्रकार की स्थिति से सदन की कार्यवाही प्रभावित होती है। वहीं विपक्ष की ओर से डिवीजन की मांग पर अड़े रहने से सत्ता पक्ष के विधायकों में हलचल देखी गई।
 
सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी
विवाद और शोर-शराबे के बावजूद, स्पीकर की अनुमति के बाद बिल को सदन में रखा गया और कार्यवाही आगे बढ़ी। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने विधानसभा की कार्यवाही को कुछ समय के लिए बाधित कर दिया। सोमवार की कार्यवाही के दौरान हुए इस घटनाक्रम ने सत्ता और विपक्ष के बीच मौजूद राजनीतिक खींचतान को एक बार फिर सामने ला दिया। मत विभाजन की मांग और विधायकों की उपस्थिति को लेकर उठा विवाद दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।


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