Rajasthan News: सरकारी ऑनलाइन काम पर साइबर खतरा, अलर्ट के बाद विभाग ने जारी किए निर्देश
सरकारी ऑनलाइन सिस्टम में साइबर सुरक्षा खामियों के संकेत मिलने पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने अलर्ट जारी किया है। सरकारी कंप्यूटरों में मैलवेयर, फिशिंग और कमजोर पासवर्ड जैसी समस्याएं सामने आने के बाद विभाग ने नई साइबर सुरक्षा गाइडलाइन लागू की है।
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प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के साथ सरकारी कामकाज तेजी से ऑनलाइन हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरे भी बढ़ने लगे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT&C) को सरकारी नेटवर्क और कंप्यूटर सिस्टम में कई प्रकार की असुरक्षित गतिविधियों के संकेत मिले हैं। इसके बाद विभाग ने सभी सरकारी कार्यालयों और कर्मचारियों के लिए नई साइबर सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है।
विभाग के सिक्योरिटी मॉनिटरिंग एवं सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC) की निगरानी में सामने आया कि राज्य सरकार के नेटवर्क से जुड़े कई एंड यूजर सिस्टम साइबर हमलों के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार कुछ कंप्यूटरों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे डेटा चोरी, मैलवेयर संक्रमण और अनधिकृत पहुंच का खतरा बढ़ गया है।
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इन गतिविधियों पर जताई चिंता
सुरक्षा जांच में सरकारी सिस्टम पर कई तरह की असुरक्षित गतिविधियां सामने आई हैं। इनमें मैलवेयर संक्रमण, फिशिंग के प्रयास, बिना अनुमति वाले सॉफ्टवेयर का उपयोग, कमजोर पासवर्ड और इंटरनेट का असुरक्षित इस्तेमाल प्रमुख हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी लापरवाहियां साइबर अपराधियों को सरकारी नेटवर्क में सेंध लगाने का अवसर दे सकती हैं।
डेटा सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
आईटी विभाग के मुताबिक इन कमजोरियों का सीधा असर सरकारी डेटा और ऑनलाइन सेवाओं पर पड़ सकता है। यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो महत्वपूर्ण सूचनाएं लीक होने, सेवाएं बाधित होने और संवेदनशील रिकॉर्ड प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। राज्य में सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण के बढ़ते दायरे को देखते हुए साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई गई है।
कर्मचारियों के लिए अनिवार्य निर्देश
विभाग ने जारी गाइडलाइन में केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त एंटीवायरस के उपयोग, नियमित सिस्टम अपडेट, सुरक्षित इंटरनेट ब्राउजिंग, मजबूत पासवर्ड अपनाने और एक्सेस मैनेजमेंट को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ई-मेल और फिशिंग हमलों की पहचान, सुरक्षित यूएसबी उपयोग, डेटा हैंडलिंग प्रक्रिया तथा निगरानी एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था को भी सख्ती से लागू करने को कहा गया है।
बढ़ती डिजिटल सेवाओं के बीच चुनौती
राज्य सरकार की अधिकांश सेवाएं अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। फाइल निस्तारण, बैठकों की सूचना, कर्मचारियों के आवेदन और विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से संचालित हो रही हैं। ऐसे में विभाग का मानना है कि तकनीकी सुरक्षा के साथ कर्मचारियों में साइबर जागरूकता और प्रशिक्षण भी उतना ही जरूरी है, ताकि सरकारी डिजिटल ढांचे को सुरक्षित रखा जा सके।