सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Debate Erupts Over Unusual Student Names Education Department Lands in Controversy

Rajasthan News: राजस्थान में 'अटपटे' नाम को लेकर छिड़ी बहस, विवादों में घिरा शिक्षा विभाग

अमर उजाला ब्यूरो, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Thu, 16 Apr 2026 05:20 PM IST
विज्ञापन
सार

राजस्थान के ‘सार्थक नाम अभियान’ पर विवाद गहराता जा रहा है। छात्रों के नाम बदलने के लिए जारी सूची में त्रुटियां और आपत्तिजनक नाम सामने आने के बाद विपक्ष और अभिभावकों ने सरकार की मंशा और प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं।

Debate Erupts Over Unusual Student Names Education Department Lands in Controversy
विवादों से घिरा 'सार्थक नाम अभियान’ - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

राजस्थान में शिक्षा विभाग का 'सार्थक नाम अभियान' लागू होने से पहले ही विवादों में आ गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के उस निर्देश ने प्रदेशभर में बहस छेड़ दी है, जिसमें कक्षा 1 से 9 तक के विद्यार्थियों के 'अटपटे' या 'अनुपयुक्त' नामों को अभिभावकों की सहमति से बदलने की बात कही गई थी।
Trending Videos


नए नामों की लिस्ट 65 हजार स्कूलों में भेजी गई
आदेश के बाद विभाग की ओर से लगभग तीन हजार संभावित नए नामों की सूची राज्य के करीब 65 हजार स्कूलों में भेजी गई, लेकिन सूची सामने आते ही इसे लेकर सवाल उठने लगे। कई नामों को अर्थहीन या आपत्तिजनक बताया जा रहा है, वहीं कुछ नामों में व्याकरणिक त्रुटियां भी पाई गई हैं। इतना ही नहीं, लड़कों और लड़कियों की सूची में नामों की अदला-बदली होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार ने विपक्ष को घेरा
इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने कहा कि सरकार का काम बच्चों के नाम तय करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री की प्राथमिकताएं वास्तविक समस्याओं से अलग दिखाई दे रही हैं। अभिभावक संगठनों ने भी इस फैसले पर नाराजगी जताई है। अभिभावक संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि नाम बदलने की सलाह और सूची दोनों ही व्यवहारिक नहीं हैं और इससे अभिभावकों के अधिकारों में अनावश्यक हस्तक्षेप होता है।

ये भी पढ़ें-  अब राजस्थान होगा भ्रष्टाचार मुक्त: सीएम भजनलाल का बड़ा ऐलान, करप्शन पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू

अभियान को लेकर बहस तेज
कुछ अभिभावकों ने सूची में विविधता की कमी का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि विभिन्न समुदायों के नामों को पर्याप्त स्थान नहीं दिया गया, जिससे पक्षपात की आशंका पैदा हो रही है। जब शिक्षा मंत्री से सूची तैयार करने के मापदंड के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसके लिए कोई निश्चित मानक तय नहीं किया गया था। इस बयान के बाद विवाद और गहरा गया है। प्रदेश में पहले से ही सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। कई स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं, भवन जर्जर हैं और विद्यार्थियों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है। ऐसे में इस अभियान को लेकर बहस तेज हो गई है कि क्या इससे शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार संभव हो पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed