Rajasthan News:महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में पेट्रोल-डीज़ल चोरी बढ़ी, सेना ने आस-पास के गांवों को दी ये चेतावनी
एशिया की सबसे बड़ी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में पेट्रोल-डीजल चोरी बढ़ी, सेना ने 40 गांवों को चेतावनी पत्र जारी कर अवैध प्रवेश पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की, संतरी हथियार के साथ तैनात रहेंगे।
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एशिया की सबसे बड़ी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पिछले कुछ अरसे से सेना के वाहनों से पेट्रोल-डीजल चोरी हो रहे हैं। इस रेंज पर सेना युद्धाभ्यास करती है। लेकिन रेंज के एक बड़े हिस्से पर आज भी ग्रामीण काबिज हैं। ऐसे में सेना ने रेंज से सटे करीब 40 गांवों को चेतावनी पत्र जारी किया है कि रेंज में कोई व्यक्ति अवैध रूप से प्रवेश करता है तो उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही सेना ने पत्र में यह भी कहा है कि रेंज में तैनात संतरी अब हथियार के साथ रहेंगे। यदि कोई व्यक्ति इसमें अनाधिकृत रूप से प्रवेश करता है तो संतरी हथियार का इस्तेमाल कर सकते हैं। सेना ने गांवों के सरपंचों से अनुरोध है किया है कि वे अपने गांव के लोगो को इस पत्र के बारे मे अवगत करावे अगर किसी के साथ भी ऐसी घटना घटती हे तो वह व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज की कोई ज़िम्मेदारी नही होगी
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सेना की ओर से ईस्ट, नॉर्थ, वेस्ट और साउथ कैंप के अंतर्गत आने वाले 40 से अधिक गांवों के सरपंचों को अवगत कराया गया है कि वे अपने गांवों में लोगों को इस आदेश की जानकारी दें। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आदेश की प्रतियां पुलिस थाना महाजन, छतरगढ़, राजीयासर स्टेशन और लूनकरणसर को भी भेजी गई हैं, ताकि क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ाई जा सके।
एशिया की सबसे बड़ी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, जहां भारतीय सेना पिछले 37 वर्षों से युद्धाभ्यास करती आ रही है, के 1092 हेक्टेयर हिस्से पर अभी भी ग्रामीणों का कब्जा है। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पाकिस्तान की सीमा से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है और यहां भारतीय सेना सालभर अभ्यास करती है। इसके अलावा विदेशी सेनाएं भी अभ्यास के लिए यहां आती हैं। लूणकरणसर उपखंड के 34 गांवों से अवाप्त कर 1984 में लगभग 3,37,000 एकड़ (1,36,382 हेक्टेयर या 5.39 लाख बीघा) जमीन सेना को सौंपी गई थी।