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Rajasthan Weather Update: राजस्थान में आज फिर ओलावृष्टि का अलर्ट, IMD ने 13 जिलों के लिए जारी की चेतावनी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Sun, 05 Apr 2026 08:04 AM IST
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सार

राजस्थान में नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने से आज फिर प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी हुई है। 

Rajasthan Weather Update:Hailstorm Havoc in Rajasthan, Crops Suffer Heavy Damage
बारिश के साथ गिरे ओले। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजस्थान में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। 6 अप्रैल से प्रदेश में एक नया मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके असर से 13 जिलों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 4 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 9 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस सिस्टम का प्रभाव 8 अप्रैल तक बने रहने की संभावना है।
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इससे पहले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ नजर आया। शाम होते-होते कई जिलों में घने बादल छा गए, तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और कई जगहों पर ओले भी गिरे। उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 32 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, कई इलाकों में तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
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पिछले 24 घंटों में जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली, बारां, बूंदी, कोटा, टोंक, झालावाड़, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में बारिश हुई। बारां, बूंदी, दौसा, टोंक और गंगानगर में कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। दौसा जिले के नांगल में तो ओलों की सफेद चादर बिछ गई।
मौसम में आए इस बदलाव के कारण तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया। चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, चूरू, जयपुर, उदयपुर और अजमेर में तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। हालांकि 5 अप्रैल को प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी देखने को मिल सकती है, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी।

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मार्च-अप्रैल में ज्यादा बारिश क्यों?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आमतौर पर मार्च-अप्रैल में इतने सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस नहीं बनते। लेकिन इस बार इनकी स्थिति उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में बनी हुई है। साथ ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी ने सिस्टम को और मजबूत बना दिया है, जिससे तेज आंधी और बारिश की स्थितियां बनीं।

दोपहर बाद ही क्यों आते हैं आंधी-ओले?

विशेषज्ञों के मुताबिक दिन में बढ़ता तापमान वातावरण को ऊर्जा देता है। यही कारण है कि दोपहर बाद आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियां तेज हो जाती हैं। कुल मिलाकर, प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदलता रहेगा और लोगों को आंधी, बारिश व ओलों से सतर्क रहने की जरूरत है।
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