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कोटा में छात्र संवाद से पहले सियासी उबाल: बीजेपी ने बताया पॉलिटिकल टूरिज्म; कांग्रेस बोली- आवाज दबाने की कोशिश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: हिमांशु सिंह
Updated Wed, 17 Jun 2026 12:58 PM IST
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सार
राहुल गांधी बुधवार को कोटा में छात्रों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम का फोकस पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों पर रहेगा। कांग्रेस ने भाजपा पर कार्यक्रम में बाधा डालने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इसे राजनीतिक आयोजन बताया है।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत और पूर्व प्रतिपक्ष नेता राजेंद्र राठौड़
- फोटो : Social Media
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विस्तार
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार की शाम राजस्थान के कोटा में छात्रों से संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस के देशव्यापी अभियान की शुरुआत माना जा रहा है। हालांकि कार्यक्रम को लेकर राजस्थान की राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा ने इसे 'पॉलिटिकल टूरिज्म' करार दिया है, जबकि कांग्रेस ने प्रशासन और भाजपा पर कार्यक्रम में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं।
पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों पर होगा संवाद
कोटा के ओपन थिएटर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों से पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे। कांग्रेस का दावा है कि यह देशभर में आयोजित होने वाले छात्र सम्मेलनों की श्रृंखला का पहला कार्यक्रम है। पार्टी नेताओं के अनुसार कार्यक्रम को राजनीतिक भाषण के बजाय छात्रों के साथ सीधा संवाद रखने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
कांग्रेस ने लगाए दबाव बनाने के आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने की कोशिश कर रही है। पार्टी का दावा है कि कोटा के कोचिंग संस्थानों, पीजी और गेस्ट हाउस संचालकों पर छात्रों को कार्यक्रम से दूर रखने का दबाव बनाया गया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम से जुड़े पोस्टर और होर्डिंग प्रशासन द्वारा हटाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा के कार्यक्रमों को पूरी प्रशासनिक मदद मिलती है। गहलोत ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे कार्यक्रम में भागीदारी और बढ़ेगी।
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भाजपा ने बताया 'पॉलिटिकल टूरिज्म'
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने राहुल गांधी के दौरे को 'पॉलिटिकल टूरिज्म' बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान भी पेपर लीक की घटनाएं हुई थीं, लेकिन तब राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कोई पहल नहीं की। राठौड़ ने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम वास्तविक छात्र संवाद के बजाय एक राजनीतिक आयोजन बनकर रह जाएगा।
ये भी पढ़ें- Kota: कोटा में राहुल गांधी की एंट्री से पहले सियासी संग्राम, '19 पेपर लीक' वाले पोस्टरों से मचा बवाल
NEET री-एग्जाम के समय पर उठे सवाल
कार्यक्रम के समय को लेकर कुछ छात्रों ने भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा की तैयारी इस समय उनकी प्राथमिकता है। एक अभ्यर्थी ने कहा कि यदि कार्यक्रम री-एग्जाम के बाद आयोजित किया जाता तो अधिक छात्र इसमें शामिल हो सकते थे। पेपर लीक से प्रभावित छात्र फिलहाल परीक्षा की तैयारी में व्यस्त हैं।
10 हजार छात्रों के शामिल होने का दावा
कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम में करीब 10 हजार छात्र शामिल हो सकते हैं। पार्टी नेताओं के अनुसार राहुल गांधी छात्रों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और शिक्षा तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
गौरतलब है कि कोटा देश का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है, जहां करीब 1.2 लाख छात्र NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, NEET-UG पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी और मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है।
पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों पर होगा संवाद
कोटा के ओपन थिएटर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों से पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे। कांग्रेस का दावा है कि यह देशभर में आयोजित होने वाले छात्र सम्मेलनों की श्रृंखला का पहला कार्यक्रम है। पार्टी नेताओं के अनुसार कार्यक्रम को राजनीतिक भाषण के बजाय छात्रों के साथ सीधा संवाद रखने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
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कांग्रेस ने लगाए दबाव बनाने के आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने की कोशिश कर रही है। पार्टी का दावा है कि कोटा के कोचिंग संस्थानों, पीजी और गेस्ट हाउस संचालकों पर छात्रों को कार्यक्रम से दूर रखने का दबाव बनाया गया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम से जुड़े पोस्टर और होर्डिंग प्रशासन द्वारा हटाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा के कार्यक्रमों को पूरी प्रशासनिक मदद मिलती है। गहलोत ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे कार्यक्रम में भागीदारी और बढ़ेगी।
भाजपा ने बताया 'पॉलिटिकल टूरिज्म'
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने राहुल गांधी के दौरे को 'पॉलिटिकल टूरिज्म' बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान भी पेपर लीक की घटनाएं हुई थीं, लेकिन तब राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कोई पहल नहीं की। राठौड़ ने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम वास्तविक छात्र संवाद के बजाय एक राजनीतिक आयोजन बनकर रह जाएगा।
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NEET री-एग्जाम के समय पर उठे सवाल
कार्यक्रम के समय को लेकर कुछ छात्रों ने भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा की तैयारी इस समय उनकी प्राथमिकता है। एक अभ्यर्थी ने कहा कि यदि कार्यक्रम री-एग्जाम के बाद आयोजित किया जाता तो अधिक छात्र इसमें शामिल हो सकते थे। पेपर लीक से प्रभावित छात्र फिलहाल परीक्षा की तैयारी में व्यस्त हैं।
10 हजार छात्रों के शामिल होने का दावा
कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम में करीब 10 हजार छात्र शामिल हो सकते हैं। पार्टी नेताओं के अनुसार राहुल गांधी छात्रों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और शिक्षा तथा रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
गौरतलब है कि कोटा देश का प्रमुख कोचिंग हब माना जाता है, जहां करीब 1.2 लाख छात्र NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, NEET-UG पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जानी है। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी और मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है।