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छात्रसंघ चुनाव बहाली पर बवाल: RU में 'भूमि समाधि' ले रहे छात्रों पर लाठीचार्ज; हिरासत में छात्र नेता लक्ष्यराज
Mon, 10 Aug 2026 10:12 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Mon, 10 Aug 2026 10:12 PM IST
सार
राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली और राजस्थानी भाषा का अलग विभाग शुरू करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। 'भूमि समाधि' लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें मौके से हटाया और छात्र नेता लक्ष्यराज को हिरासत में लिया।
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राजस्थान विश्वविद्यालय
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर 'भूमि समाधि' पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर बल प्रयोग करते हुए सभी छात्रों को खदेड़ दिया। इस दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छात्र नेता लक्ष्यराज को हिरासत में ले लिया।
छात्रसंघ चुनाव और भाषा की मांग
विश्वविद्यालय परिसर में छात्र काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव पुनः शुरू कराना है। राज्य सरकार ने लगभग तीन साल से छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगा रखी है। छात्रों का कहना है कि चुनाव न होने से उनकी समस्याओं को उठाने वाला कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है। इसके अलावा छात्र राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा का अलग विभाग स्थापित करने और इससे संबंधित पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग भी कर रहे हैं। उनका मानना है कि राजस्थानी भाषा प्रदेश की पहचान का मुख्य हिस्सा है, इसलिए इसकी पढ़ाई और आगे के अध्ययन के लिए बेहतर प्रबंध होने चाहिए।
ये भी पढ़ें- एक और बेटी बनी मिसाल: पिता के निधन के बाद नौ साल की रोहिणी को बांधी गई पगड़ी, सदियों पुरानी परंपरा टूटी
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पूर्व में भी हुए प्रदर्शन
इससे पहले भी कई युवा संगठनों और छात्र नेताओं ने लगातार अपनी मांगें उठाई हैं। इन्हीं मांगों को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने 23 जुलाई से आमरण अनशन शुरू किया था। स्वास्थ्य बिगड़ने पर 30 जुलाई को पुलिस और प्रशासन ने उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया। नेताओं की समझाइश के बाद 5 अगस्त को शुभम ने अपना अनशन समाप्त किया। इसके अलावा एनएसयूआई के नेताओं ने टोंक रोड स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया था और वे लगभग 40 घंटे तक टंकी पर डटे रहे थे। वहीं, एबीवीपी और आरएलपी से जुड़े नेताओं ने भी विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर प्रदर्शन किए हैं।
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छात्रसंघ चुनाव और भाषा की मांग
विश्वविद्यालय परिसर में छात्र काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव पुनः शुरू कराना है। राज्य सरकार ने लगभग तीन साल से छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगा रखी है। छात्रों का कहना है कि चुनाव न होने से उनकी समस्याओं को उठाने वाला कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है। इसके अलावा छात्र राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा का अलग विभाग स्थापित करने और इससे संबंधित पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग भी कर रहे हैं। उनका मानना है कि राजस्थानी भाषा प्रदेश की पहचान का मुख्य हिस्सा है, इसलिए इसकी पढ़ाई और आगे के अध्ययन के लिए बेहतर प्रबंध होने चाहिए।
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पूर्व में भी हुए प्रदर्शन
इससे पहले भी कई युवा संगठनों और छात्र नेताओं ने लगातार अपनी मांगें उठाई हैं। इन्हीं मांगों को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने 23 जुलाई से आमरण अनशन शुरू किया था। स्वास्थ्य बिगड़ने पर 30 जुलाई को पुलिस और प्रशासन ने उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया। नेताओं की समझाइश के बाद 5 अगस्त को शुभम ने अपना अनशन समाप्त किया। इसके अलावा एनएसयूआई के नेताओं ने टोंक रोड स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया था और वे लगभग 40 घंटे तक टंकी पर डटे रहे थे। वहीं, एबीवीपी और आरएलपी से जुड़े नेताओं ने भी विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर प्रदर्शन किए हैं।