{"_id":"6a4f9a46d64583bb7c0c4361","slug":"sog-arrests-lab-assistant-recruitment-2018-candidate-in-omr-sheet-manipulation-case-jaipur-news-c-1-1-noi1422-4482826-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018: OMR शीट में हेरफेर कर नौकरी पाने वाला एक और आरोपी गिरफ्तार, SOG की बड़ी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018: OMR शीट में हेरफेर कर नौकरी पाने वाला एक और आरोपी गिरफ्तार, SOG की बड़ी कार्रवाई
Thu, 09 Jul 2026 07:28 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2026 07:28 PM IST
सार
प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा-2018 की OMR शीट में कथित हेरफेर मामले में एसओजी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार आरोपी ने कथित फर्जीवाड़े के जरिए अंतिम चयन हासिल किया था।
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपी संजय कुमार सैनी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने प्रयोगशाला सहायक सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में OMR शीट से कथित छेड़छाड़ कर अंतिम चयन हासिल करने वाले एक और अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दौसा निवासी 28 वर्षीय संजय कुमार सैनी के रूप में हुई है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि जांच में पता चला है कि परीक्षा की ओएमआर शीट स्कैनिंग का कार्य करने वाली एजेंसी राभव लिमिटेड के कार्मिकों ने अभ्यर्थियों से मिलीभगत कर OMR शीट में कथित रूप से हेरफेर की। इस फर्जीवाड़े के जरिए 27 अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से अंतिम रूप से चयनित कराया गया।
जांच के अनुसार राभव लिमिटेड के कार्मिक विनोद कुमार गौड़ और शादान खान तथा कंपनी के कार्यकारी निदेशक रामप्रवेश सिंह ने अभ्यर्थियों के साथ मिलकर OMR स्कैनिंग के दौरान प्राप्तांकों में बदलाव किया। संजय कुमार सैनी के मामले में स्कैनिंग के दौरान उसके अंक 191 दर्शाए गए, जबकि कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा दोबारा कराई गई OMR शीट की स्कैनिंग में उसके वास्तविक अंक केवल 43 पाए गए।श्
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Rajasthan Panchayat Elections: पहले सर्वे, फिर चुनाव! OBC आयोग की चिट्ठी ने बढ़ाया पंचायत चुनावों का इंतजार
एसओजी के अनुसार इस प्रकरण में इससे पहले एजेंसी के दोनों कार्मिकों, कार्यकारी निदेशक तथा कथित रूप से फर्जीवाड़े का लाभ लेने वाले अभ्यर्थी महेंद्र कुमार मीणा, देवेंद्र सिंह गुर्जर, विजय सिंह मीणा और पिंटू कुमार मीणा को गिरफ्तार किया जा चुका है। संजय कुमार सैनी इस मामले में वांछित चल रहा था।
महानिरीक्षक पुलिस (एसओजी) अजयपाल लाम्बा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन तथा पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में निरीक्षक यशवंत सिंह की टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में संजय कुमार सैनी को गिरफ्तार किया गया। एसओजी का कहना है कि मामले में पूछताछ जारी है और फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी इस पूरे भर्ती घोटाले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाल रही है।
विज्ञापन
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि जांच में पता चला है कि परीक्षा की ओएमआर शीट स्कैनिंग का कार्य करने वाली एजेंसी राभव लिमिटेड के कार्मिकों ने अभ्यर्थियों से मिलीभगत कर OMR शीट में कथित रूप से हेरफेर की। इस फर्जीवाड़े के जरिए 27 अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से अंतिम रूप से चयनित कराया गया।
विज्ञापन
जांच के अनुसार राभव लिमिटेड के कार्मिक विनोद कुमार गौड़ और शादान खान तथा कंपनी के कार्यकारी निदेशक रामप्रवेश सिंह ने अभ्यर्थियों के साथ मिलकर OMR स्कैनिंग के दौरान प्राप्तांकों में बदलाव किया। संजय कुमार सैनी के मामले में स्कैनिंग के दौरान उसके अंक 191 दर्शाए गए, जबकि कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा दोबारा कराई गई OMR शीट की स्कैनिंग में उसके वास्तविक अंक केवल 43 पाए गए।श्
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Rajasthan Panchayat Elections: पहले सर्वे, फिर चुनाव! OBC आयोग की चिट्ठी ने बढ़ाया पंचायत चुनावों का इंतजार
एसओजी के अनुसार इस प्रकरण में इससे पहले एजेंसी के दोनों कार्मिकों, कार्यकारी निदेशक तथा कथित रूप से फर्जीवाड़े का लाभ लेने वाले अभ्यर्थी महेंद्र कुमार मीणा, देवेंद्र सिंह गुर्जर, विजय सिंह मीणा और पिंटू कुमार मीणा को गिरफ्तार किया जा चुका है। संजय कुमार सैनी इस मामले में वांछित चल रहा था।
महानिरीक्षक पुलिस (एसओजी) अजयपाल लाम्बा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन तथा पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में निरीक्षक यशवंत सिंह की टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में संजय कुमार सैनी को गिरफ्तार किया गया। एसओजी का कहना है कि मामले में पूछताछ जारी है और फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी इस पूरे भर्ती घोटाले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाल रही है।