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Balotara News: बालोतरा में नौतपा की झुलसाती गर्मी से मिली राहत, तापमान में गिरावट से मिला लोगों को सुकून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
Published by: जैसलमेर ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jun 2025 05:08 PM IST
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सार
बालोतरा का मौसम बदल गया है। नौ तपा में शहर का तापमान 47 डिग्री था। अब मौसम बदलने से तापमान में करीब 10 डिग्री की कमी आई है। गर्मी कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
बालोतर में बदल रहा है मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय शहर बालोतरा में आमजन को अब राहत मिलती दिख रही है। दो दिनों में तापमान में गिरावट आई है। नौतपा के प्रारंभिक दिनों में तापमान जहां 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब यह गिरकर 38 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है।
नौतपा का कहर: जलते आसमान और तपती जमीन से बेहाल हुए लोग
नौतपा के दिनों को गर्मी का चरम माना जाता है, जब सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं और तापमान में अचानक बढ़ोतरी होती है। बालोतरा सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पिछले सप्ताह तापमान 46 से 47 डिग्री के बीच बना हुआ था। तपती सड़कों, गर्म हवा के थपेड़ों और भीषण लू ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता था और लोग आवश्यक कार्यों को भी टालते नजर आ रहे थे। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे चिकित्सा विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया।
पढ़ें: रणथंभौर में जवान हो रहे शावकों ने उड़ाई वन विभाग की नींद, टेरेटरी की तलाश में निकल रहे बाहर; जानें
मौसम में परिवर्तन: मानसून की आहट या अस्थायी राहत?
शहर का मौसम बदल गया है। अभी तापमान 37 से 38 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार ये एक अस्थायी राहत है, जो हवाओं के रुख में बदलाव के कारण आई है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में आने वाले दिनों में तापमान में और थोड़ी गिरावट संभव है, लेकिन जून मध्य तक एक और लहर गर्मी की आ सकती है। हालांकि वर्तमान में चल रही राहत ने लोगों को थोड़ी ऊर्जा दी है और आवश्यक कार्यों के लिए बाहर निकलना अब संभव हो रहा है।
गर्मी की रफ्तार थमने के साथ ही बाजारों में हलचल देखी जा रही है। दुकानदारों ने बताया कि बीते सप्ताह ग्राहक पूरी तरह नदारद थे, लेकिन अब धीरे-धीरे रौनक लौट रही है।
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नौतपा का कहर: जलते आसमान और तपती जमीन से बेहाल हुए लोग
नौतपा के दिनों को गर्मी का चरम माना जाता है, जब सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं और तापमान में अचानक बढ़ोतरी होती है। बालोतरा सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पिछले सप्ताह तापमान 46 से 47 डिग्री के बीच बना हुआ था। तपती सड़कों, गर्म हवा के थपेड़ों और भीषण लू ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता था और लोग आवश्यक कार्यों को भी टालते नजर आ रहे थे। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे चिकित्सा विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया।
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शहर का मौसम बदल गया है। अभी तापमान 37 से 38 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार ये एक अस्थायी राहत है, जो हवाओं के रुख में बदलाव के कारण आई है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में आने वाले दिनों में तापमान में और थोड़ी गिरावट संभव है, लेकिन जून मध्य तक एक और लहर गर्मी की आ सकती है। हालांकि वर्तमान में चल रही राहत ने लोगों को थोड़ी ऊर्जा दी है और आवश्यक कार्यों के लिए बाहर निकलना अब संभव हो रहा है।
गर्मी की रफ्तार थमने के साथ ही बाजारों में हलचल देखी जा रही है। दुकानदारों ने बताया कि बीते सप्ताह ग्राहक पूरी तरह नदारद थे, लेकिन अब धीरे-धीरे रौनक लौट रही है।