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Jalore: कड़ाके की सर्दी में 108 घड़ों के ठंडे पानी से शिव की आराधना, चर्चा में महिला साधु की जलधारा तपस्या

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर Published by: प्रशांत तिवारी Updated Wed, 07 Jan 2026 05:46 PM IST
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सार

Jalore News: कड़ाके की सर्दी में जहां लोग सुबह-सुबह अपने घर से भी निकलने में कतराते हैं। वहीं, भीनमाल के महाकालेश्वर धाम में महिला साधु राधागिरी की जलधारा तपस्या सुर्खियां बटोर रही हैं। महिला साधु सुबह 5 बजे से 7 बजे तक 108 घड़ों में भरे ठंडे पानी को अपने शरीर पर डालकर भगवान शिव का ध्यान लगाती हैं।

In biting cold female ascetic worships Lord Shiva with 108 pitchers of cold water in Jalore
कड़ाके की ठंड में भगवान शिव की आराधना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जालौर : प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की सर्दी में एक तरफ लोग जहां अलाव जलाकर खुद को राहत पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, जालोर के भीनमाल में भक्ति का नजारा देखने को मिला है। यहां कड़ाके की ठंड के बीच महाकालेश्वर धाम में महिला साधु राधा गिरी 108 घड़े से बहती हुई जलधारा के बीच भगवान शिव की आराधना कर रही हैं।

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महिला साधु कर रही हैं शिव आराधना
महिला साधु राधा गिरि महाराज जिले के क्षेमंकरी माता मंदिर के पास स्थित श्री महाकालेश्वर धाम में तपस्या कर रही हैं. इनकी तपस्या शनिवार से प्रारंभ हुई है, जो 14 जनवरी तक चलेगी। राधा गिरि महाराज प्रतिदिन भोर होते ही सुबह करीब 5 बजे “ॐ नमः शिवाय” मंत्रों के उच्चारण के साथ ही 108 ठंडे मटकों से शरीर पर जलधारा डालकर कठोर साधना करना शुरू करती हैं। करीब दो घंटे यानी सुबह 7 बजे तक पानी की धारा के बीच वह लगातार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करती रहती हैं। इस दौरान उन पर पानी से भरे 108 घड़े बिना रुके डाले जाते हैं।

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तपस्या देखने के लिए बड़ी संख्या में महाकालेश्वर धाम पहुंचे भक्त
रविवार को उनकी तपस्या के दूसरे दिन जैसे ही जलधारा शुरू हुई, पूरा मंदिर परिसर ओम नमः शिवाय के जाप से गूंज उठा। ठंडे पानी की लगातार धारा के बीच राधा गिरि महाराज शिव के ध्यान और पूजा में लीन रहीं. इस अद्भुत तपस्या को देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्त भी महाकालेश्वर धाम पहुंचे थे।


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सदियों से चली आ रही जलधारा की तपस्या
धाम के महंत नवीन गिरि महाराज ने बताया कि श्री महाकालेश्वर धाम में वर्षों से भक्ति, सेवा और साधना की परंपरा चली आ रही है। जो आज भी जीवंत है। इसी परंपरा के अंतर्गत राधा गिरि महाराज द्वारा 11 दिवसीय जलधारा तपस्या की जा रही है, जिसमें प्रतिदिन 108 मटकों से जलधारा अर्पित की जाती है।

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