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Rajasthan: पति बना प्यार में बाधा, पत्नी ने प्रेमी संग रची हत्या की साजिश; 48 घंटे में खुलासा
Sun, 28 Jun 2026 09:08 PM IST
जालौर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
Published by: जालौर ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2026 09:08 PM IST
सार
Rajasthan News: जालोर जिले के आहोर थाना क्षेत्र में मिले ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने महज 48 घंटे में खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके रिश्तेदार के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों ने मजदूरी दिलाने का झांसा देकर युवक को सुनसान जगह ले जाकर उसकी हत्या कर दी।
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पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर कर दी पति की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जालोर जिले की आहोर थाना पुलिस ने मडला गांव की सरहद में हुए सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर मामले का महज 48 घंटे में खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी द्वारा रची गई सुनियोजित साजिश थी। दोनों पति को अपने रास्ते से हटाकर शादी करना चाहते थे, जिसके लिए वारदात को अंजाम दिया गया।
शव की आधार कार्ड से हुई थी पहचान
पुलिस के अनुसार, 24 जून 2026 को सूचना मिली थी कि मडला गांव की सरहद में एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही आहोर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के पास मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान पाली जिले के रानीगांव निवासी राजेन्द्र कुमार पुत्र स्वर्गीय ओटाराम मीणा के रूप में हुई। जांच में यह भी सामने आया कि मृतक की गुमशुदगी पहले से दर्ज थी।
मां ने पत्नी पर जताया हत्या का शक
मृतक की मां सारकी देवी ने पुलिस को रिपोर्ट देकर आरोप लगाया कि उसके पुत्र की हत्या उसकी पत्नी ममता और अन्य लोगों ने मिलकर की है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई। एफएसएल और एमओबी टीम की सहायता से घटनास्थल का वैज्ञानिक परीक्षण किया गया, जबकि संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई।
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तकनीकी जांच से खुली साजिश की परतें
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की पत्नी ममता के मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। इससे रमेश कुमार मीणा और अभिषेक मीणा की भूमिका संदिग्ध नजर आई। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि राजेन्द्र कुमार और ममता की शादी करीब 14-15 वर्ष पहले हुई थी, लेकिन पिछले 8 से 10 महीनों से दोनों के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसके चलते ममता अपने पीहर गोलिया गांव आकर रहने लगी थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात रमेश मीणा से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन राजेन्द्र कुमार उनके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा था।
मजदूरी का झांसा देकर ले गए, रास्ते में शराब पिलाई
पुलिस के अनुसार, पहले से बनाई गई योजना के तहत रमेश मीणा ने अपने रिश्तेदार अभिषेक मीणा के साथ मिलकर राजेन्द्र कुमार को मजदूरी दिलाने का झांसा दिया। दोनों उसे रानीगांव से मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले गए। रास्ते में कई बार शराब पिलाई और फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
यह भी पढ़ें: डमी कैंडिडेट बनकर दिलाई सरकारी नौकरी, दो साल बाद SOG के हत्थे चढ़ा 10 हजार का इनामी छात्र
48 घंटे में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा
आहोर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक जांच के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस का महज 48 घंटे में खुलासा कर दिया। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस षड्यंत्र में अन्य लोगों की भूमिका और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
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शव की आधार कार्ड से हुई थी पहचान
पुलिस के अनुसार, 24 जून 2026 को सूचना मिली थी कि मडला गांव की सरहद में एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही आहोर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के पास मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान पाली जिले के रानीगांव निवासी राजेन्द्र कुमार पुत्र स्वर्गीय ओटाराम मीणा के रूप में हुई। जांच में यह भी सामने आया कि मृतक की गुमशुदगी पहले से दर्ज थी।
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मां ने पत्नी पर जताया हत्या का शक
मृतक की मां सारकी देवी ने पुलिस को रिपोर्ट देकर आरोप लगाया कि उसके पुत्र की हत्या उसकी पत्नी ममता और अन्य लोगों ने मिलकर की है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई। एफएसएल और एमओबी टीम की सहायता से घटनास्थल का वैज्ञानिक परीक्षण किया गया, जबकि संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई।
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तकनीकी जांच से खुली साजिश की परतें
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की पत्नी ममता के मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। इससे रमेश कुमार मीणा और अभिषेक मीणा की भूमिका संदिग्ध नजर आई। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि राजेन्द्र कुमार और ममता की शादी करीब 14-15 वर्ष पहले हुई थी, लेकिन पिछले 8 से 10 महीनों से दोनों के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसके चलते ममता अपने पीहर गोलिया गांव आकर रहने लगी थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात रमेश मीणा से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन राजेन्द्र कुमार उनके रास्ते में सबसे बड़ी बाधा था।
मजदूरी का झांसा देकर ले गए, रास्ते में शराब पिलाई
पुलिस के अनुसार, पहले से बनाई गई योजना के तहत रमेश मीणा ने अपने रिश्तेदार अभिषेक मीणा के साथ मिलकर राजेन्द्र कुमार को मजदूरी दिलाने का झांसा दिया। दोनों उसे रानीगांव से मोटरसाइकिल पर अपने साथ ले गए। रास्ते में कई बार शराब पिलाई और फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
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48 घंटे में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा
आहोर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक जांच के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस का महज 48 घंटे में खुलासा कर दिया। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस षड्यंत्र में अन्य लोगों की भूमिका और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।