Rajasthan: बेटियों की शादी का पैसा रोका तो बढ़ी मुश्किल! पूर्व कलेक्टर के खिलाफ वारंट, उपभोक्ता आयोग सख्त
जालौर में राजस्थान शुभशक्ति योजना के तहत दो बेटियों की शादी के लिए सहायता राशि नहीं मिलने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। वर्ष 2021 के आदेश की पालना नहीं होने पर आयोग ने जालौर की पूर्व कलेक्टर और वर्तमान श्रम आयुक्त पूजा पार्थ के खिलाफ वारंट जारी कर उन्हें तलब किया है।
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जालौर में राजस्थान शुभशक्ति योजना के तहत श्रमिक महिला को बेटियों की शादी के लिए स्वीकृत सहायता राशि नहीं मिलने का मामला अब अवमानना कार्रवाई तक पहुंच गया है। जिला उपभोक्ता आयोग ने वर्ष 2021 के आदेश की पालना नहीं होने पर जालौर की पूर्व कलेक्टर और वर्तमान श्रम आयुक्त पूजा पार्थ के खिलाफ वारंट जारी कर उन्हें तलब किया है। आयोग ने दोनों बेटियों के विवाह के लिए 1.10 लाख रुपये की सहायता राशि के साथ मानसिक वेदना, शारीरिक कष्ट और परिवाद व्यय के रूप में कुल 1.35 लाख रुपये देने का आदेश दिया था। आदेश की पालना नहीं होने पर आयोग ने अब सख्त रुख अपनाया है।
2021 में आयोग ने दिया था सहायता राशि देने का आदेश
मामला रानीवाड़ा क्षेत्र की मोवनीदेवी से जुड़ा है। उन्होंने अपनी बेटियों विमला और संगीता के विवाह के लिए राजस्थान शुभशक्ति योजना के तहत सहायता राशि के लिए आवेदन किया था। राशि नहीं मिलने पर मोवनीदेवी ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद पेश किया था। आयोग ने 2 सितंबर 2021 को परिवाद स्वीकार करते हुए श्रम आयुक्त, जिला श्रम कल्याण अधिकारी और जालौर के प्राधिकृत अधिकारी को संयुक्त या अलग-अलग रूप से राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था।
दोनों बेटियों के विवाह के लिए 55-55 हजार रुपये
आयोग के आदेश के अनुसार दोनों बेटियों के विवाह के लिए 55-55 हजार रुपये, यानी कुल 1.10 लाख रुपये दो महीने के भीतर देने थे। इसके अलावा मानसिक वेदना के लिए 10 हजार रुपये, शारीरिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपये और परिवाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये देने के निर्देश दिए गए थे। इस तरह आयोग ने कुल 1.35 लाख रुपये भुगतान करने का आदेश दिया था।
अपील खारिज होने के बाद भी आदेश की पालना नहीं
आयोग के इस आदेश के खिलाफ अपील भी की गई थी, लेकिन वह खारिज हो चुकी है। इसके बावजूद आदेश की पालना नहीं होने पर परिवादी मोवनीदेवी की ओर से जालौर आयोग में अवमानना कार्रवाई के लिए प्रार्थनापत्र पेश किया गया। मामला लंबित रहने के दौरान आयोग ने आदेश की पालना नहीं होने का संज्ञान लिया और वर्तमान श्रम आयुक्त पूजा पार्थ के खिलाफ वारंट जारी कर दिया।
वारंट की तामील के लिए एसपी को भेजा पत्र
आयोग ने पूजा पार्थ की उपस्थिति सुनिश्चित कराने और वारंट की तामील के लिए जालौर एसपी को पत्र लिखा है। आयोग ने विशेष वाहक भेजकर वारंट की तामील कराने के निर्देश दिए हैं। पूर्व कलेक्टर के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद यह मामला चर्चा में है।
लाभार्थियों को दस्तावेज सुरक्षित रखने की सलाह
मामले से जुड़े जानकारों के अनुसार, सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलने पर लाभार्थियों को आवेदन संख्या, रसीद, स्वीकृति पत्र, आधार या जनआधार विवरण, बैंक रिकॉर्ड और विभागीय पत्राचार की प्रतियां सुरक्षित रखनी चाहिए। आवेदन लंबित होने की स्थिति में आरटीआई के माध्यम से यह जानकारी भी मांगी जा सकती है कि आवेदन किस अधिकारी के पास लंबित है, पात्रता का सत्यापन कब हुआ और भुगतान किस कारण से रोका गया।