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Jalore News: क्या भाजपा के कब्जे वाली सीट पर गहलोत का सपना होगा साकार, जानें क्या रहा जालोर सीट का इतिहास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालोर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 03 Jun 2024 09:23 PM IST
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सार
जालोर-सिरोही लोकसभा सीट से भाजपा के लुंबाराम चौधरी और कांग्रेस के वैभव गहलोत बीच मुकाबले के परिणाम का समय अब आ गया है। बेटे को सांसद बनाने का अशोक गहलोत का सपना साकार होगा कि नहीं? हर कोई परिणाम जानने के लिए उत्सुक है।
जालौर चुनावी संग्राम के प्रत्याशी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जालौर-सिरोही लोकसभा सीट पर 2024 का चुनाव इस बार रोचक रहा, जिसमें कांग्रेस के प्रत्याशी वैभव गहलोत और भाजपा के लुम्बाराम चौधरी के बीच मुकाबला हुआ। दोनों प्रत्याशियों के नए होने के कारण अलग-अलग समीकरणों आधार पर कड़ी टक्कर रही।
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26 अप्रैल को हुए लोकसभा के चुनाव को लेकर अब चुनाव के परिणाम जानने के लिए हर कोई उत्सुक नजर आ रहा है। इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हालांकि पिछले चुनावों में भाजपा के पक्ष में रहा, लेकिन इस बार 2024 के लोकसभा चुनाव का माहौल कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर में देखी गई। यही वजह है कि इस सीट पर अब जालोर सिरोही की जनता को लोकसभा चुनाव के परिणाम का इंतजार है।
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देखा जाए तो इस चुनाव के परिणाम के अंतर्गत किसी के भविष्य की राजनीति का रास्ता तय होगा तो किसी की राजनीति की अंत समय में राजनीति की उड़ान तय होगी। जालौर सिरोही लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है। अब देखने वाली बात ये होगी कि कल 4 जून का परिणाम किसके पक्ष में जाता है और जनता ने किस प्रत्याशी का अधिक वोटों से जीत का रास्ता तय किया है।
बता दें कि पिछले लंबे समय से यहां पर इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है। ऐसे में इस बार लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने इस सीट से जीतने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को चुनावी मैदान में उतारा था। ऐसे में कांग्रेस पार्टी को कहीं न कहीं उम्मीदें हैं कि कांग्रेस इस सीट को निकालने में सफल हो पाएगी।
बता दें कि जालौर सिरोही लोकसभा सीट से कांग्रेस में बूटा सिंह की जीत के बाद कोई भी प्रत्याशी ये सीट जीत नहीं पाया है। इसी को लेकर लगातार बार-बार प्रत्याशियों का बदलाव कांग्रेस की ओर से किया जा रहा है। इसी को लेकर इस बार पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत पर दाव खेला है।
लुंबाराम चौधरी और वैभव का है कड़ा मुकाबला
जालौर-सिरोही लोकसभा चुनाव में इस बार पुराने चेहरे को बदलकर नए चेहरे को मौका दिया गया। भाजपा से तीन बार सांसद रहे देव जी पटेल की जगह लुंबाराम चौधरी सिरोही को चुनावी मैदान में उतर गया। वहीं वैभव गहलोत कांग्रेस से प्रत्याशी रहे इसके बाद और भी चुनाव कड़ा और रोचक बन गया। इस सीट पर करीब 15-20 सालों से भाजपा जीतती आ रही है और इस सीट को भाजपा का गढ़ कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगी, लेकिन पहले जालौर सिरोही लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। लेकिन इसके बाद से लगातार यहां पर भाजपा का दबदबा रहा और लगातार इस सीट पर भाजपा के सांसद चुने गए। ऐसे में लगातार हार के बाद कांग्रेस ने इस बार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को किस सीट से मौका दिया गया है। हालांकि वैभव गहलोत को चुनावी मैदान में उतरने के बाद लगातार कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित पूरे परिवार की ओर से कड़ी मेहनत के साथ इस सीट को जीतने के लिए कैंपेनिंग की गई और पूरी ताकत झोंक दी। लेकिन पूर्व सीएम गहलोत की और से किए गए इस सीट पर कड़े प्रयासों और चुनाव कैंपेनिंग का नतीजा क्या रहेगा यह तो कल दोपहर तक स्पष्ट हो पाएगा क्या मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का अपने बेटे को सांसद बनने का सपना साकार हो पाएगा या फिर नहीं यह तो आने वाला समय ही तय करेगा।
लगातार हार के बाद कांग्रेस का इस सीट पर जीत का प्रयास
बता दे कि इस सीट पर पिछले तीन बार से भाजपा के सांसद देवजी पटेल ने जीत दर्ज की इससे पहले भी भाजपा का सांसद चुना गया। इसके बाद लगातार कांग्रेस को इस सीट पर हर का सामना करना पड़ रहा था। जिसके बाद इस बार कांग्रेस इस सीट को हथियाना के लिए पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव गहलोत को मैदान में उतारा है। इससे पूर्व 2019 में वैभव गहलोत ने जोधपुर लोकसभा से चुनाव लड़ा था। जिसमें उनको कड़ी हार का सामना करना पड़ा इसके बाद पार्टी की ओर से 2024 लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को जालोर सिरोही से लोकसभा से मौका दिया और चुनावी मैदान में उतारा, जिसमें कांग्रेस ने इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए कड़ी कैंपेनिंग के साथ पूरे प्रयास किए हैं।
भाजपा जीतती आ रही ये लोकसभा सीट
जालौर सिरोही लोकसभा सीट की बात करें तो यहां पर पहले यह सीट कांग्रेस के खाते में लगातार रही है सरदार बूटा सिंह इस सीट पर कई बार चुनाव लड़ा और उनकी ओर से जीते भी दर्ज की गई लेकिन बाद इसके 2004 में सुशीला बंगारू ने भारतीय जनता पार्टी से जीतकर भाजपा का झंडा गाढ़ा। देवजी एम पटेल 2009 में पहली बार मौका मिला और पहले ही चुनाव जीतकर भाजपा की जीत को कायम रखा उसके बाद 2014 व 2019 में लगातार भारतीय जनता पार्टी ने देवजी एम पटेल को मौका दिया और देवजी एम पटेल ने मौके पर खरे उतरते हुए पार्टी को जीत दिलाते हुए संसद भवन पहुंचे। इस बार हुए चुनाव के बाद जालौर सिरोही के मतदाताओं में उत्सुकता बनी हुई है कि आखिरकार परिणाम क्या रहेगा क्योंकि इस बार बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। क्या इस बार लोकसभा चुनाव का परिणाम कांग्रेस इस सीट को जीतने में सफल हो पाएगी या बीजेपी एक बार फिर इस सीट पर जीत के दबदबे को कायम रख पाएगी.. कल लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा जालौर सिरोही लोकसभा सीट से इस बार किस पार्टी का प्रत्याशी जीत दर्ज कर जालौर सिरोही जिले की जनता का दिल्ली में प्रतिनिधित्व करेगा।