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Rajasthan SI paper leak Case: आरोपी गोपीराम के पिता बोले- मेरा बेटा पढ़ाई में होशियार, उसे झूठा फंसाया जा रहा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sat, 09 Mar 2024 03:58 PM IST
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सार
Jalore Hindi News: गोपीराम के पिता ने बताया कि इतनी राशि जुटा ही नहीं सकता। गाय-भैंस का दूध बेचकर हर महीने दो बार 500 और 1000 तक वह खर्चे के लिए देते थे। उन्होंने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता कि 20 लाख रुपये में गोपीराम पेपर खरीद सकता है, उसे झूठा फंसाया जा रहा है।
पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी गोपीराम के पिता किशनराम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा का पेपर लीक और नकल आरोप में गिरफ्तार हुए आरोपी गोपी राम के पिता की प्रतिक्रया सामने आई है। उन्होंने कहा कि दूध बेचकर बेटे को पढ़ाई करवाई। गोपीराम पढ़ने में होशियार था। उन्होंने सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि गोपीराम को झूठा फंसाया जा रहा है।
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जानकारी के मुताबिक, राजस्थान में पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 के हुए पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान एसओजी ने 14 ट्रेनी सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया था, जिसमें राजस्थान का टॉपर नरेश खिलेरी भी शामिल था। वहीं, बाड़मेर जिले से सटे हुए सांचौर जिले से सियाको की ढाणी आलेटी गांव निवासी एक गोपी राम को भी एसओजी ने गिरफ्तार किया है, जो अभी पुलिस कस्टडी में है। आरोप है कि यह लोग परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र पढ़कर एसआई भर्ती परीक्षा में चयनित हुए थे।
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मामले में सियाको की बेरी आलेटी गांव के गोपीराम पर लगे पेपर लीक मामले के आरोप को लेकर अब परिजनों ने आरोप लगाया है कि गोपीराम को झूठा फंसाया गया है। परिजनों का कहना है कि गोपीराम एक गरीब परिवार से है और जो कड़ी मेहनत के बाद परीक्षा में पास हुआ था। गोपीराम का परिवार बीपीएल परिवार है और झोपड़ी में रहता है।
गोपीराम के पिता का कहना है कि उसने प्राथमिक शिक्षा गांव से की। उसके बाद निजी विद्यालय में आठवीं तक पढ़ा और दसवीं में 85% अंक लाने पर विद्यालय प्रशासन और भामाशाह द्वारा 25 हजार का पुरस्कार भी दिया था। उन्होंने बताया कि 2002 से बीपीएल में हूं। गोपीराम पर लगे आरोपों की घटना को लेकर उन्होंने बताया कि सुना जरूर है सूचना के माध्यम से, लेकिन मामले की पूरी जानकारी नहीं है। 10वीं-12वीं तक शिक्षा के बाद गोपीराम बाहर तैयारी कर रहा था। उन्हें नकल और पेपर लीक करने की बात का तो पता नहीं है। लेकिन उनके बेटे को झूठा फंसाया गया है।
गोपीराम के पिता ने कहा कि मेरा बेटा पढ़ने-लिखने में होशियार था। उन्होंने बताया कि गोपीराम की पढ़ाई के लिए उन्होंने गाय और भैंस का दूध बेचकर उसके पढ़ाई के लिए खर्च किया था। उन्होंने बताया कि दिनांक तीन मार्च को उनके पास एसओजी का कॉल आया था, जिसमें बताया कि आपके बेटे को नकल मामले में गिरफ्तार किया गया है। जब कॉल आया तब भी मैंने कहा था कि मेरा बेटा होशियार है, नकल नहीं कर सकता; पर मैंने कहा कि मेरे साथ गलत हुआ है।
वहीं, जगदीश जानी के पेपर लेनदेन के सवाल पर गोपी राम के पिता किशनराम ने बताया कि मैंने पूरी जिंदगी में कभी न तो जगदीश जानी को देखा और न मैं जानता हूं। उन्होंने बताया कि 20 लाख रुपये देने जैसी मेरी औकात ही नहीं है, मेरे बेटे को झूठा फंसाया गया है। किशनराम ने बताया कि मैंने कभी न तो 20 लाख रुपये देखे और न ही इतना बड़ा कभी लेनदेन हुआ है। मैं तो गाय भैंस का दूध बेचकर अपने बेटे को पढ़ रहा था।
इसके साथ ही गोपीराम के चाचा ने बताया कि गोपी राम हमारे पूरे परिवार में सबसे होशियार लड़का है, उसको झूठा फसाया गया है। आगे जो भी कार्रवाई वह करेंगे। वहीं, पड़ोसी हनुमान राम ने बताया कि गोपीराम गरीब परिवार और बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखता है। ऐसे में 20 लाख रुपये के बड़े लेनदेन का कहीं सवाल तक खड़ा नहीं होता। वह पढ़ने में होशियार था, उसे फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष से जांच हो। अगर पेपर लीक मामले में उसकी गतिविधि संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए अन्यथा निर्दोष को नहीं फंसाया जाए। गोपीराम मेहनत करके नौकरी में लगा है।
गोपीराम के पिता ने बताया कि इतनी राशि जुटा ही नहीं सकता। गाय-भैंस का दूध बेचकर हर महीने दो बार 500 और 1000 तक वह खर्चे के लिए देते थे। उन्होंने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता कि 20 लाख रुपये में गोपीराम पेपर खरीद सकता है, उसे झूठा फंसाया जा रहा है। इसको लेकर वह आगामी न्यायालय की शरण में जरूर जाएंगे। हालांकि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। लेकिन उन्होंने कहा कि बेटे को न्याय दिलाने के लिए जरूर संघर्ष करूंगा। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।