रेणु हत्याकांड: आरोपी पति की फरारी में मदद करने वाले छह लोग गिरफ्तार, झालावाड़ में पुलिस की सख्त कार्रवाई
Renu Murder Case: झालावाड़ के रेणु हत्याकांड में आरोपी पति की फरारी में मदद करने वाले 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्होंने आरोपी को ठहरने के लिए पैसे और सूचना देकर सहयोग किया। पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विस्तार
झालावाड़ जिले के अकलेरा थाना क्षेत्र में रेणु हत्याकांड से जुड़े मामले में पुलिस ने आरोपी पति की फरारी में मदद करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने आरोपी को रुपये, ठहरने की जगह और पुलिस कार्रवाई की सूचना देकर सहयोग किया, जिसके चलते वह करीब साढ़े तीन माह तक गिरफ्तारी से बचा रहा। हालांकि मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में एसपी अमित बुडानिया ने स्पष्ट कहा कि अपराधियों को शरण देने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
नवंबर 2025 की घटना, हत्या को हादसा बताने की कोशिश
एसपी अमित कुमार के अनुसार, नवंबर माह 2025 में ग्राम चन्दीपुर थाना अकलेरा में आरोपी पति देवीकृपाल ने अपनी पत्नी रेणू के साथ मारपीट की और उसकी हत्या कर दी। घटना को छिपाने के लिए उसने सीढ़ियों से गिरने की कहानी बनाई और रेणू को निजी अस्पताल अकलेरा लेकर आया। वहां लाश को छोड़कर वह फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई। चूंकि इस मामले में किसी भी पारिवारिक सदस्य ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी, इसलिए पुलिस ने स्वयं फरियादी बनकर हत्या का मामला दर्ज किया।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला मामला
पुलिस जांच में तकनीकी साक्ष्य एकत्रित करने पर सामने आया कि देवीकृपाल ने ही अपनी पत्नी रेणू की हत्या की थी। उसने घटना को हादसा दिखाने के लिए अस्पताल का सहारा लिया और अपने भांजे कोमल के साथ वहां से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को आगे बढ़ाया और आरोपी को गिरफ्तार किया।
रिमांड में खुला फरारी नेटवर्क
आरोपी पति देवीकृपाल को कोर्ट से पुलिस रिमांड पर लेकर 10 दिन तक गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आया कि उसने और उसके भांजे कोमल ने कार की नम्बर प्लेट बदलकर और अन्य व्यक्तियों की आईडी का उपयोग कर होटल, किराये के प्लॉट और अन्य स्थानों पर शरण ली। इस दौरान वे लगातार अपनी पहचान छिपाकर करीब साढ़े तीन माह तक फरार रहे।
फरारी में सहयोग करने वाले आरोपियों की भूमिका
जांच में यह भी सामने आया कि फरारी के दौरान कई लोगों ने आरोपी की मदद की। इनमें रिश्तेदार, दोस्त और अन्य परिचित शामिल थे, जिन्होंने बिना आईडी रिकॉर्ड के होटल में ठहराने, मोबाइल सिम उपलब्ध कराने, फोनपे के माध्यम से पैसों का लेन-देन करने और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर पुलिस की गतिविधियों की जानकारी देने जैसे तरीकों से सहयोग किया। इन सभी गतिविधियों ने आरोपी को गिरफ्तारी से बचाए रखने में मदद की।
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इन 6 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में रोशन पुत्र नरेन्द्र निवासी तुरकाडिया थाना अकलेरा, राहुल उर्फ ओमप्रकाश पुत्र गुलाबचन्द मीणा निवासी फ़ोकरडा थाना अकलेरा, नवीन पुत्र राजूलाल गीणा निवासी उदपुरिया थाना कामखेड़ा, ललित पुत्र घनश्याम निवासी मीणा तुरकाड़िया अकलेरा, इकबाल पुत्र पीर अहमद निवासी टेलिफोन एक्सचेंज के सामने अकलेरा और जावेद पुत्र छूटटन खान निवासी नई बस्ती अकलेरा को गिरफ्तार किया है।
फरारी में मदद करना भी दंडनीय अपराध
एसपी अमित कुमार ने बताया कि हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी को फरारी में सहयोग करना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इस प्रकार के मामलों में दोषी पाए जाने पर 5 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है।
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