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IB अधिकारी चेतन गलाना हत्याकांड: पत्नी अनिता समेत दो को उम्रकैद, हाईकोर्ट के आदेश पर बदली सजा
Thu, 13 Aug 2026 09:16 PM IST
झालावाड़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
Published by: झालावाड़ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 09:16 PM IST
सार
Rajasthan News: बहुचर्चित IB अधिकारी चेतन प्रकाश गलाना हत्याकांड में उनकी पत्नी अनिता और उसके सहयोगी संतोष निर्मल को अब आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। झालावाड़ की SC/ST कोर्ट ने दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सजा पर दोबारा सुनवाई हुई। जानिए फिर क्या हुआ...
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दोनों आरोपियों की बढ़ गई सजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बहुचर्चित IB अधिकारी चेतन प्रकाश गलाना हत्याकांड में पत्नी अनिता और उसके सहयोगी संतोष निर्मल को आखिरकार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। विशिष्ट न्यायाधीश SC/ST कोर्ट झालावाड़ श्रीमती सुनीता मीणा ने गुरुवार को दोनों दोषियों को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास तथा एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
पहले मिली थी 14 साल की सजा, फिर बदला फैसला
इस मामले में पूर्व में 14 मई 2025 को दिए गए निर्णय में अभियुक्त प्रवीण राठौर सहित अन्य दोषियों को हत्या के अपराध में आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। वहीं अनिता और संतोष निर्मल को 14 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया था।
सरकारी पक्ष ने हाईकोर्ट में दी सजा को चुनौती
विशिष्ट लोक अभियोजक महेश कुमार पाटीदार ने अनिता और संतोष निर्मल को दी गई 14 वर्ष की सजा को चुनौती देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट ने 7 अगस्त 2026 को राज्य सरकार की अपील स्वीकार करते हुए सजा के बिंदु पर पुनः सुनवाई के आदेश दिए।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिर पहुंची पत्रावली
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रकरण की पत्रावली पुनः SC/ST कोर्ट झालावाड़ पहुंची। न्यायालय ने दोनों दोषियों को नोटिस जारी कर सजा के बिंदु पर सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक महेश कुमार पाटीदार ने प्रभावी पैरवी की।
यह भी पढ़ें: मजाक-मजाक में चली गोली, होटल मालिक ने तोड़ दिया दम; तीन दिन के रिमांड पर आरोपी
13 अगस्त को सुनाया संशोधित फैसला
सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने 13 अगस्त 2026 को अपना संशोधित फैसला सुनाया। अदालत ने अनिता और संतोष निर्मल को भी चेतन प्रकाश गलाना की हत्या के मामले में आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोनों को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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पहले मिली थी 14 साल की सजा, फिर बदला फैसला
इस मामले में पूर्व में 14 मई 2025 को दिए गए निर्णय में अभियुक्त प्रवीण राठौर सहित अन्य दोषियों को हत्या के अपराध में आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। वहीं अनिता और संतोष निर्मल को 14 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया था।
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सरकारी पक्ष ने हाईकोर्ट में दी सजा को चुनौती
विशिष्ट लोक अभियोजक महेश कुमार पाटीदार ने अनिता और संतोष निर्मल को दी गई 14 वर्ष की सजा को चुनौती देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट ने 7 अगस्त 2026 को राज्य सरकार की अपील स्वीकार करते हुए सजा के बिंदु पर पुनः सुनवाई के आदेश दिए।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिर पहुंची पत्रावली
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रकरण की पत्रावली पुनः SC/ST कोर्ट झालावाड़ पहुंची। न्यायालय ने दोनों दोषियों को नोटिस जारी कर सजा के बिंदु पर सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक महेश कुमार पाटीदार ने प्रभावी पैरवी की।
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13 अगस्त को सुनाया संशोधित फैसला
सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने 13 अगस्त 2026 को अपना संशोधित फैसला सुनाया। अदालत ने अनिता और संतोष निर्मल को भी चेतन प्रकाश गलाना की हत्या के मामले में आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोनों को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।