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Jodhpur News: कमजोर मानसून पर गहलोत ने जताई चिंता, बोले- सरकार अभी से शुरू करे अकाल राहत की तैयारियां
Sat, 01 Aug 2026 02:34 PM IST
जोधपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: जोधपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:34 PM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कम बारिश को लेकर राज्य सरकार को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि कई जिलों में अकाल जैसी स्थिति बन सकती है, इसलिए राहत कार्यों की तैयारियां अभी से शुरू कर देनी चाहिए।
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जोधपुर में
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विस्तार
प्रदेश में इस बार सामान्य से कम बारिश होने पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिंता जताते हुए राज्य सरकार से समय रहते अकाल राहत की तैयारियां शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के करीब 20 जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। यदि आने वाले दिनों में भी बारिश की स्थिति नहीं सुधरी तो कई क्षेत्रों में अकाल जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में सरकार को संकट गहराने का इंतजार करने के बजाय अभी से राहत और बचाव की योजनाओं पर काम शुरू कर देना चाहिए।
अशोक गहलोत ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने चार बार अकाल जैसी परिस्थितियों का सामना किया है। उन कठिन दौर में प्रभावी प्रबंधन, त्वरित निर्णय और राहत कार्यों के माध्यम से प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई गई थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय चलाए गए राहत कार्यों और योजनाओं की देशभर में सराहना हुई थी।
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उन्होंने कहा कि अकाल के दौरान 'काम के बदले अनाज' जैसी योजनाओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया था। इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल मिला और उन्हें पलायन जैसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ा। उनके अनुसार संकट के समय ऐसी योजनाएं लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होती हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाल की स्थिति केवल किसानों और आमजन के लिए ही नहीं, बल्कि पशुधन के लिए भी गंभीर चुनौती बन जाती है। इसलिए सरकार को अभी से पेयजल, चारा, अनाज और अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि मौजूदा मौसम की परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए संभावित संकट से निपटने के लिए अग्रिम योजना तैयार की जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें और प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
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अशोक गहलोत ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने चार बार अकाल जैसी परिस्थितियों का सामना किया है। उन कठिन दौर में प्रभावी प्रबंधन, त्वरित निर्णय और राहत कार्यों के माध्यम से प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई गई थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय चलाए गए राहत कार्यों और योजनाओं की देशभर में सराहना हुई थी।
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उन्होंने कहा कि अकाल के दौरान 'काम के बदले अनाज' जैसी योजनाओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया था। इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल मिला और उन्हें पलायन जैसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ा। उनके अनुसार संकट के समय ऐसी योजनाएं लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होती हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाल की स्थिति केवल किसानों और आमजन के लिए ही नहीं, बल्कि पशुधन के लिए भी गंभीर चुनौती बन जाती है। इसलिए सरकार को अभी से पेयजल, चारा, अनाज और अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि मौजूदा मौसम की परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए संभावित संकट से निपटने के लिए अग्रिम योजना तैयार की जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें और प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।