Rajasthan: भाई की मौत का सदमा नहीं सह सकीं बहन! अंतिम संस्कार में पहुंची, भाई का शव देखते ही तोड़ा दम
नीमकाथाना के खादरा गांव में भाई-बहन के रिश्ते को भावुक कर देने वाली घटना सामने आई। 65 वर्षीय प्रभाती देवी अपने 70 वर्षीय भाई भगवाना राम सैनी के अंतिम संस्कार में शामिल होने दरीबा पहुंचीं। भाई का शव देखते ही वह फूट-फूटकर रोने लगीं और अचानक अचेत होकर गिर पड़ीं।
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भाई-बहन के अटूट प्रेम और रिश्ते की मार्मिक तस्वीर नीमकाथाना क्षेत्र के खादरा गांव में सामने आई। तीन भाइयों की इकलौती बहन 65 वर्षीय प्रभाती देवी अपने तीसरे भाई भगवाना राम सैनी के निधन की खबर सुनकर उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचीं। भाई का शव देखते ही वह भावुक होकर फूट-फूटकर रोने लगीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं। परिजनों ने उन्हें संभालने और बचाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अंतिम संस्कार वाले घर में एक साथ दो मौतों का मातम छा गया।
भाई का शव देखते ही बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार खादरा गांव निवासी प्रभाती देवी, पत्नी मंगल चंद सैनी, तीन भाइयों की इकलौती बहन थीं। उनके तीसरे भाई भगवाना राम सैनी (70) निवासी दरीबा का निधन हो गया था। बुधवार सुबह करीब 11 बजे प्रभाती देवी अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने दरीबा पहुंचीं।
परिजनों के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने भाई भगवाना राम का शव देखा, वह भावुक होकर जोर-जोर से रोने लगीं। भाई की मौत का उन्हें गहरा सदमा लगा। रोते-रोते अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ीं। परिजनों ने तत्काल उन्हें संभालने और मदद करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच छा गया दूसरा मातम
एक ओर परिवार भगवाना राम सैनी के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा था, वहीं दूसरी ओर प्रभाती देवी की अचानक मौत की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया। परिजनों के अनुसार, भाई की मौत के सदमे के कारण प्रभाती देवी को अचानक हार्ट अटैक आने की आशंका है। हालांकि, उनकी मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारण की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकती है। भगवाना राम सैनी का अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर करीब 12 बजे दरीबा में किया गया। इसके बाद प्रभाती देवी के शव को उनके गांव खादरा लाया गया। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे खादरा गांव में प्रभाती देवी का अंतिम संस्कार किया गया।
जिंदगीभर भाइयों के सुख-दुख में निभाया साथ
परिजनों ने बताया कि प्रभाती देवी अपने भाइयों से बेहद जुड़ी हुई थीं। तीन भाइयों की इकलौती बहन होने के कारण उनका मायके से गहरा लगाव था। उन्होंने जिंदगीभर अपने भाइयों के सुख-दुख में उनका साथ निभाया। परिवार के अनुसार, अंतिम समय में भी वह अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचीं, लेकिन भाई का शव देखते ही उन्हें ऐसा गहरा सदमा लगा कि कुछ ही देर में उनकी भी मौत हो गई।
भाई-बहन की मौत से दो गांवों में शोक
एक ही दिन भाई और बहन की मौत की घटना से खादरा और दरीबा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, वह भाई-बहन के रिश्ते और इस मार्मिक संयोग को लेकर भावुक हो उठा। परिवार और ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर गहरा दुख है। प्रभाती देवी के पांच बेटे हैं। परिजनों के अनुसार, उनके चार बेटे और तीन बहुएं सरकारी नौकरी में चयनित हैं। मां की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। एक ओर परिवार ने भगवाना राम सैनी को अंतिम विदाई दी, तो दूसरी ओर उसी दिन उनकी बहन प्रभाती देवी की मौत ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया।