NEET पेपर लीक पर सियासी संग्राम: आरोपी के BJP कनेक्शन पर कांग्रेस हमलावर, तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल
राजस्थान में NEET-2026 पेपर लीक मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने आरोपी दिनेश बिवाल के भाजपा से जुड़े होने का दावा करते हुए सरकार पर FIR में देरी और मामले को दबाने का आरोप लगाया। अशोक गहलोत ने भी जांच पर सवाल उठाए।
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मामले को बेहद गंभीर बताते हुए सरकार और एसओजी की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। गहलोत ने कहा कि पकड़ा गया आरोपी भाजपा से जुड़ा बताया जा रहा है और उसके परिवार के कई लोगों की पहले सरकारी नौकरी लग चुकी है, जिसकी जांच होनी चाहिए। गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार कांग्रेस सरकार को बदनाम करने की कोशिश करती रही, लेकिन अब खुद एक्सपोज हो गई है। उन्होंने कहा, “2024, 2025 और अब 2026 में भी NEET पेपर आउट होने की बातें सामने आ रही हैं। आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? 22 लाख बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।” पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि यदि एसओजी को इतने सबूत मिले थे तो FIR दर्ज करने में देरी क्यों हुई? उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई देने से काम नहीं चलेगा, जनता जवाब चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर दिनेश बिवाल की कुछ तस्वीरें और पोस्टर साझा किए, जिनमें वह भाजपा के झंडे और पार्टी नेताओं के साथ नजर आ रहा है। जूली ने दावा किया कि आरोपी खुद को “जिला मंत्री, जयपुर जिला देहात, भाजपा युवा मोर्चा” बताता रहा है। जूली ने सवाल उठाया कि क्या आरोपी के भाजपा से जुड़े होने के कारण ही राज्य सरकार ने 9 दिनों तक FIR दर्ज नहीं की और मामले को दबाने की कोशिश की? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार “जीरो टॉलरेंस” की बात करती है, लेकिन अपने लोगों के मामले में चुप्पी साध लेती है।
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वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि NEET पेपर लीक के आरोपी BJP के पदाधिकारी हैं, भाजपा सरकार के मंत्रियों और विधायकों के करीबी हैं। भाजपा को साफ करना चाहिए कि पेपर लीक और आरोपियों से उसका क्या कनेक्शन है? CBI जांच कर रही है, लेकिन वो इन्हीं का तोता है। परीक्षा एजेंसी NTA, नकल माफिया और भाजपा के नेता सब मिले हुए हैं। ये लोग मिलकर देश के युवाओं के सपनों को बेच रहे हैं।
भाजयुमो से जुड़ाव की चर्चा
अधिकारियों के मुताबिक दिनेश बिवाल लंबे समय तक जमवारामगढ़ क्षेत्र में भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े रहे हैं। स्थानीय भाजपा नेताओं ने बताया कि वह वर्ष 2014 में भाजयुमो का सचिव भी रह चुका है, हालांकि हाल के वर्षों में उनकी सक्रियता कम हो गई थी। स्थानीय नेताओं के अनुसार दिनेश और मंगीलाल लंबे समय से फाइनेंस और मनी लेंडिंग का काम करते थे। पिछले पांच-छह वर्षों से दोनों भाई सीकर में भी रह रहे थे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दिनेश बिवाल की कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इनमें राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के साथ वर्ष 2021 की तस्वीरें और स्थानीय भाजपा विधायक महेंद्र पाल मीणा के साथ हालिया फोटो शामिल हैं। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले ही विधायक महेंद्र पाल मीणा ने अपने फेसबुक अकाउंट से दिनेश बिवाल को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए तस्वीर साझा की थी।
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