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नीट 2026 पेपर लीक की इनसाइड स्टोरी: नासिक से निकला पर्चा ऐसे पहुंचा सीकर,सबने की कमाई, अब नतीजा जीरो

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Wed, 13 May 2026 02:43 PM IST
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सार

नीट 2026 परीक्षा रद्द हो गई है। जांच राजस्थान एसओजी से सीबीआई को सौंप दी गई है। अब इस पूरे कांड की परतें खुलने लगी हैं। सीबीआई सबसे पहले उन पर शिकंजा कस रही है जो इस पूरे खेल के बड़े खिलाड़ी हैं...

NEET paper originated in Nashik spread by Gurugram gang two brothers and network from Rajasthan spread questio
इन आरोपियों का नाम अब तक आया है सामने - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

नीट 2026 का पेपर लीक कांड केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है। अब तक इसमें पांच राज्यों का नेटवर्क सामने आ चुका है। जांच एंजेसियों के अनुसार मोटी रकम खर्च करके महाराष्ट्र के नासिक प्रिंटिंग प्रेस से पेपर निकाला गया।   फिर इसे हरियाणा के गुरुग्राम में बेच गया। इसके बाद आरोप है कि जयपुर के पास का एक परिवार ने बड़ी रकम खर्च करके पेपर खरीदा। फिर इस परिवार ने सीकर के संस्थानों तक पेपर को पहुंचाया।  ये वो कड़ियां हैं जो जुड़ चुकी हैं। इसके अलावा कई राज्यों में पेपर को वाट्सअप के जरिए भी बांटा गया। इनका खुलासा अभी और होना बाकी है।  
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NEET paper originated in Nashik spread by Gurugram gang two brothers and network from Rajasthan spread questio
आरोपी एमबीबीएस छात्र शुभम खैरनार - फोटो : अमर उजाला

शुभम पर नासिक प्रिंटिंग प्रेस से पेपर बाहर निकालने का आरोप 
जांच एजेंसियों के अनुसार शुभम पर महाराष्ट्र के नासिक प्रिंटिंग प्रेस से पेपर बाहर निकलाने का आरोप है। इसके संपर्क में पुणे और नासिक के कुछ लोग थे जिन्होंने इस काम में शुभम की मदद की। अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार शुभम ने मध्यप्रदेश के सिहोर के एक विश्वविद्यालय में आर्युवेद चिकित्सा की पढ़ाई करने के लिए प्रवेश लिया पर वो कभी पढ़ने के लिए नहीं गया। शुभम पर ये भी आरोप है कि उसने कुछ और प्रश्न नासिक प्रिंटिंग प्रेस से निकले पेपर में शामिल किए। उसने ऐसा करके गेस पेपर के नाम पर इसे पुणे और  हरियाणा की गैंग को बेचा। 

गुरुग्राम गैंग ने कई राज्यों में फैलाया पेपर
जांच में सामने आया है कि हरियाणा के गुरुग्राम में सक्रिय नेटवर्क ने पेपर को देशभर में फैलाने में अहम भूमिका निभाई। व्हाट्सएप, टेलीग्राम और निजी संपर्कों के जरिए छात्रों तक “गेस पेपर” पहुंचाया गया। आरोप है कि छात्रों से कहा जाता था कि इसी सेट से परीक्षा में सवाल आएंगे। एजेंसियां अब डिजिटल चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया ग्रुप्स की जांच कर रही हैं। जांच में कुछ डॉक्टरों और मेडिकल शिक्षा से जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

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NEET paper originated in Nashik spread by Gurugram gang two brothers and network from Rajasthan spread questio
इन दो भाईयों ने खरीदा पेपर - फोटो : अमर उजाला

जमवारामगढ़ के दो भाइयों ने खरीदा पेपर
सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया है कि  गुरुग्राम गैंग से पेपर जयपुर ग्रामीण के जमवारामगढ़ निवासी मांगीलाल और दिनेश के पास पहुंचा। इस परिवार पर आरोप है कि इन्होंने 26-27 अप्रैल के बीच करीब 30 लाख रुपये देकर कथित पेपर खरीदा। जांच एजेंसियों के अनुसार दोनों भाइयों ने पहले यह पेपर सीकर में NEET की तैयारी कर रहे अपने बेटे तक पहुंचाया और फिर इसे अन्य छात्रों तक भी सर्कुलेट किया । 

परिवार के पांच सदस्यों के चयन पर भी जांच
जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि पिछले साल दिनेश बिवाल के परिवार से एक साथ पांच अभ्यर्थियों का NEET में चयन कैसे हुआ। इनमें दिनेश का बेटा, मंगीलाल के दो बेटे और उनके दिवंगत बड़े भाई की दो बेटियां शामिल हैं। एसओजी अधिकारी के अनुसार एक ही परिवार के इतने सदस्यों का एक साथ चयन होना जांच एजेंसियों के लिए संदेह का विषय बना।

केरल में पढ़ाई कर रहे छात्र पर आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि सीकर निवासी एक छात्र, जो केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था, उसके पास भी कथित पेपर पहुंचा था। बाद में उसी छात्र के जरिए यह सामग्री वापस राजस्थान में कई छात्रों तक पहुंची। हालांकि एजेंसियों का कहना है कि राजस्थान इस नेटवर्क का 'सोर्स पॉइंट' नहीं था, बल्कि यहां पेपर महाराष्ट्र और हरियाणा से पहुंचा था।

NEET paper originated in Nashik spread by Gurugram gang two brothers and network from Rajasthan spread questio
आरोपी - फोटो : अमर उजाला

काउंसलिंग नेटवर्क भी जांच के घेरे में राकेश मंडावरिया
जांच एजेंसियों के अनुसार राकेश मंडावरिया पर भी पेपर बेचने का आरोप है। वह सीकर में काउंसलिंग और छात्र मार्गदर्शन गतिविधियों से जुड़ा था। आरोप है कि उसके पास परीक्षा से कई दिन पहले ही पेपर पहुंच गया था।  उसने इसे छात्रों, पीजी संचालकों और कुछ कोचिंग संपर्कों तक साझा किया। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर आखिर कितने छात्रों तक पहुंचाया गया।

150 लोगों से पूछताछ, 15 संदिग्ध CBI को सौंपे
राजस्थान SOG अब तक करीब 150 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें छात्र, अभिभावक, कोचिंग से जुड़े लोग और नेटवर्क ऑपरेटर्स शामिल हैं। SOG ने मांगीलाल, दिनेश, राकेश मंडावरिया, रजत कुमार, अमित मीणा, रोहित मावालिया, विक्रम यादव, योगेश प्रजापत, संदीप हरितवाल, नितेश अजमेरा, विकास, यश यादव और सत्यनारायण चौधरी सहित 15 संदिग्धों को CBI को सौंप दिया है।



अब CBI खंगालेगी पूरे देश का नेटवर्क
CBI ने इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, चोरी, विश्वासघात और सबूत मिटाने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है। एजेंसी अब देशभर में फैले नेटवर्क, पैसों के लेनदेन, टेलीग्राम चैनल्स और व्हाट्सएप ग्रुप्स की गहराई से जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

ये भी पढ़ें: NEET UG 2026: राजस्थान से लीक नहीं हुआ NEET पेपर, SOG के आईजी का दावा; जांच अब CBI के हाथों में

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