जयपुर में आज तीन जगह लगेंगी पेंशन अदालतें: मुख्य सचिव सुनेंगे सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याएं
जयपुर में आज तीन स्थानों पर पेंशन अदालतें लगेंगी। मुख्य सचिव पेंशनर्स की समस्याएं सुनेंगे। पेंशन निर्धारण, बकाया भुगतान और लंबित मामलों का मौके पर समन्वय कर समाधान किया जाएगा।
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पेंशन से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जयपुर में आज बुधवार को एक साथ तीन स्थानों पर पेंशन अदालतें लगाई जाएंगी। इनमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों की पेंशन से जुड़े लंबित मामलों की सुनवाई होगी।
मुख्य सचिव सुबह 11 बजे पुलिस मुख्यालय (PHQ) पहुंचेंगे और पुलिस विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन संबंधी समस्याएं सुनेंगे। इसके साथ ही PHED सहित तीन केंद्रों पर पेंशन अदालतों का आयोजन किया जाएगा।
इन अदालतों का उद्देश्य केवल पेंशनर्स की शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय कर लंबित मामलों को तेजी से निपटाना भी है। पेंशन निर्धारण, बकाया भुगतान और लंबे समय से लंबित अन्य प्रकरणों को प्राथमिकता से लिया जाएगा।
मुख्य सचिव करेंगे निरीक्षण
मुख्य सचिव सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक पेंशन अदालतों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे पेंशनर्स की समस्याओं, लंबित प्रकरणों और उनके निस्तारण के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।
सरकार की कोशिश है कि वर्षों तक सरकारी सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन संबंधी काम के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। इसी सोच के तहत समस्याओं का समाधान पेंशनर्स के नजदीक उपलब्ध कराने की पहल की गई है।
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पेंशन व्यवस्था में सुधार की पहल
राज्य सरकार ने भारत सरकार में किए गए ऐसे प्रयोगों से प्रेरणा लेकर इसे प्रशासनिक नवाचार के तौर पर लागू किया है। इसके जरिए पेंशन व्यवस्था को अधिक सहज, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने पर जोर है।
पेंशन अदालतों में सामने आने वाले मामलों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मौके पर ही समन्वय कर समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे पुराने और लंबित प्रकरणों को गति मिलने की उम्मीद है।