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राजस्थान: निर्जला एकादशी पर श्रीनाथजी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, कलियों के श्रृंगार में दिए दिव्य दर्शन
Fri, 26 Jun 2026 08:07 AM IST
राजसमंद ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजसमंद
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Published by: राजसमंद ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 08:07 AM IST
सार
निर्जला एकादशी पर नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रभु श्रीनाथजी ने कलियों और मोतियों के विशेष श्रृंगार में दर्शन दिए। भक्तों ने गिरिराजजी की परिक्रमा कर जल के घट, पंखे, फल, वस्त्र और दक्षिणा का दान किया तथा जीव सेवा का संदेश भी दिया।
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श्रीनाथजी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर राजसमंद जिले के नाथद्वारा स्थित पुष्टिमार्गीय प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह मंगला दर्शन से लेकर राजभोग और संध्या दर्शन तक भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने गिरिराजजी और मंदिर की परिक्रमा कर दान-पुण्य किया तथा प्रभु श्रीनाथजी के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
कलियों के मोहक श्रृंगार में दिए दर्शन
निर्जला एकादशी पर प्रभु श्रीनाथजी का विशेष श्रृंगार किया गया। प्रभु को श्वेत मलमल का पिछोड़ा धारण कराया गया। साथ ही वनमाला के चरणारविंद तक ऊष्णकालीन हल्के मोतियों का श्रृंगार, मोतियों का किरीट, पान, कुंडल, कली की माला और पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। संध्या आरती के समय प्रभु को आकर्षक कलियों का श्रृंगार धारण कराया गया, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दर्शन के लिए दिनभर लगी रही कतारें
मंगला दर्शन से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। राजभोग के दर्शनों के दौरान भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
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जल का घट, पंखा, फल और वस्त्र का किया दान
निर्जला एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने उष्णकालीन सेवा से जुड़े जल के घट, पंखे, फल, वस्त्र और दक्षिणा का दान किया। मंदिर की परिक्रमा मार्ग में बैठे जरूरतमंदों और याचकों को भी श्रद्धापूर्वक दान दिया गया।
ये भी पढ़ें- Rajasthan News: बॉर्डर पर धार्मिक ढांचों को हटाने के नोटिस पर हाईकोर्ट पहुंचा मामला, 29 जून को होगी सुनवाई
गिरिराजजी की परिक्रमा और जीव सेवा का निभाया संकल्प
सुबह से ही गिरिराजजी और मंदिर की परिक्रमा करने वालों की भीड़ लगी रही। बड़ी संख्या में महिलाओं ने परिक्रमा के दौरान पक्षियों के लिए दाना डाला, गायों को हरा चारा खिलाया और जरूरतमंदों की सहायता कर निर्जला एकादशी का पुण्य अर्जित किया।
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कलियों के मोहक श्रृंगार में दिए दर्शन
निर्जला एकादशी पर प्रभु श्रीनाथजी का विशेष श्रृंगार किया गया। प्रभु को श्वेत मलमल का पिछोड़ा धारण कराया गया। साथ ही वनमाला के चरणारविंद तक ऊष्णकालीन हल्के मोतियों का श्रृंगार, मोतियों का किरीट, पान, कुंडल, कली की माला और पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। संध्या आरती के समय प्रभु को आकर्षक कलियों का श्रृंगार धारण कराया गया, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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दर्शन के लिए दिनभर लगी रही कतारें
मंगला दर्शन से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। राजभोग के दर्शनों के दौरान भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
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जल का घट, पंखा, फल और वस्त्र का किया दान
निर्जला एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने उष्णकालीन सेवा से जुड़े जल के घट, पंखे, फल, वस्त्र और दक्षिणा का दान किया। मंदिर की परिक्रमा मार्ग में बैठे जरूरतमंदों और याचकों को भी श्रद्धापूर्वक दान दिया गया।
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गिरिराजजी की परिक्रमा और जीव सेवा का निभाया संकल्प
सुबह से ही गिरिराजजी और मंदिर की परिक्रमा करने वालों की भीड़ लगी रही। बड़ी संख्या में महिलाओं ने परिक्रमा के दौरान पक्षियों के लिए दाना डाला, गायों को हरा चारा खिलाया और जरूरतमंदों की सहायता कर निर्जला एकादशी का पुण्य अर्जित किया।